चंडीगढ़, 15 जुलाई 2026 । पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना स्ट्रोक (ब्रेन स्ट्रोक) के मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। योजना के तहत पिछले छह महीनों में 914 मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका और मरीजों पर आर्थिक बोझ भी कम हुआ।
खतरनाक है स्ट्रोक आना
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, स्ट्रोक आज भी दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे जोखिम कारकों से जुड़ी है जिन्हें रोका जा सकता है। वहीं, अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का भी कहना है कि समय पर उपचार से मरीज की रिकवरी बेहतर हो सकती है, जबकि ब्लड प्रेशर ,डायबिटीज और जीवनशैली से जुड़े ज़ोखिमों पर बेहतर नियंत्रण से स्ट्रोक की संभावना को कम किया जा सकता है। स्ट्रोक का इलाज काफी महंगा हो सकता है, जिससे अनेक परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से पात्र मरीजों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तक उनकी त्वरित पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना और गंभीर बीमारियों के इलाज को आर्थिक रूप से सुलभ बनाना है। योजना के तहत विभिन्न गंभीर रोगों के उपचार के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिल रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रोक के मामलों में शुरुआती “गोल्डन ऑवर” के भीतर इलाज मिलने से मरीज के बचने और सामान्य जीवन में लौटने की संभावना काफी बढ़ जाती है। ऐसे में कैशलेस स्वास्थ्य योजनाएं समय पर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।