नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026 । दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की जा रही है। अब लोग चुनिंदा दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर अपने पुराने लेकिन उपयोग योग्य कपड़े आसानी से दान कर सकेंगे। इसके लिए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे, जहां लोग अपने कपड़े जमा कर सकेंगे।
इस पहल की शुरुआत के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में डीएमआरसी, डीएमआरसी लेडीज वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, राज्य शहरी आजीविका मिशन, टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग से जुड़ी संस्था क्लोथ्स बॉक्स फाउंडेशन और रेस्पन के बीच समझौता हुआ।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में पुराने कपड़े दान करने की योजना (ओल्ड क्लोथ्स डोनेशन प्रोजेक्ट) शुरू की जा रही है।
- इसका मकसद पुराने और इस्तेमाल किए गए कपड़ों को लैंडफिल में जाने से रोकना, टेक्सटाइल कचरे को कम करना और रीसाइक्लिंग के जरिए सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना है।
- उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल टेक्सटाइल कचरा कम करेगी बल्कि लोगों को स्वच्छ और सस्टेनेबल दिल्ली के निर्माण में भागीदार भी बनाएगी।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इकट्ठा किए गए कपड़ों से सेल्फ हेल्प ग्रुप्स बैग, सजावटी सामान तैयार करेंगे।
- ज्यादा खराब कपड़ों को रीसाइकल कर नए उत्पाद और कच्चे माल में भी बदला जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी वस्त्र पहुंचाने के साथ-साथ कपड़ों के पुन: उपयोग (रीयूज) और वस्त्र अपशिष्ट (टेक्सटाइल वेस्ट) को कम करना है। एकत्र किए गए कपड़ों की छंटाई के बाद उन्हें सामाजिक संस्थाओं और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाएगा, जबकि अनुपयोगी कपड़ों को रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा।
इन स्टेशनों पर बनेंगे सेंटर
शाहदरा, डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल, मालवीय नगर, हौज खास, द्वारका, मोहन एस्टेट, लाजपत नगर, मयूर विहार फेज-1, पंजाबी बाग वेस्ट और शालीमार बाग मेट्रो स्टेशनों पर अर्पण संग्रह केंद्र बनाए जाएंगे। यहां लोग सुबह 7 से शाम 7 बजे तक अपने पुराने कपड़े दान कर सकेंगे।
इस अभियान में भाग लेने वाले लोगों को उनके योगदान के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और अधिक से अधिक नागरिकों को इस मुहिम से जोड़ने में मदद करेगा।
अधिकारियों का कहना है कि यदि इस पहल को लोगों का अच्छा सहयोग मिलता है, तो भविष्य में इसे और अधिक मेट्रो स्टेशनों तक विस्तार दिया जाएगा। यह अभियान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक कल्याण को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।