चंडीगढ़, 27 जून् 2026 । पंजाब कांग्रेस में आज बड़े संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान लंबे समय से लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों और जिम्मेदारियों को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर उस ‘बंद लिफाफे’ पर टिकी है, जिसमें नए पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों की सूची होने की संभावना जताई जा रही है।
इससे पहले पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, एआईसीसी के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, विधायक परगट सिंह, अरुणा चौधरी, सांसद डॉ. अमर सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच चुके थे।
सूत्रों के अनुसार, हाईकमान का उद्देश्य प्रदेश संगठन को अधिक सक्रिय, संतुलित और चुनावी दृष्टि से मजबूत बनाना है। नए चेहरों को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ अनुभवी नेताओं को भी संगठन में अहम भूमिका मिल सकती है। इसके जरिए पार्टी विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की कोशिश कर सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल केवल पदों के बंटवारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नई दिशा देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा लाने और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, आधिकारिक घोषणा होने तक सभी नियुक्तियों और बदलावों को लेकर केवल अटकलें ही हैं। कांग्रेस हाईकमान की घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संगठन में किस नेता को कौन-सी जिम्मेदारी सौंपी गई है और पंजाब कांग्रेस की नई टीम कैसी होगी।