मलोट , 27 जून् 2026 । नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने प्रतिबंधित कैप्सूलों की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए गए, जबकि 5 अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
इस संबंध में, ए एस आई हरविंदर सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एक गिरोह लंबे समय से बाहर से लाकर प्रतिबंधित कैप्सूल बेच रहा है। इस गिरोह में शामिल लोगों में सुनील कुमार पुत्र रमेश कुमार, जतिन कुमार उर्फ मन्नू पुत्र कोका कबाड़िया, शक्ति शर्मा पुत्र भूरे लाल गद्देवाला, राज गुंबर उर्फ काली गुंबर पुत्र लाल चंद – सभी कृष्णा नगर कैंप मलोट के निवासी,गुरविंदर पाल उर्फ अजय पुत्र दलजीत सिंह, निवासी करनैल सिंह मोहल्ला, गैस वाली गली, सुनील कुमार उर्फ सनी पुत्र ओम प्रकाश, निवासी एकता नगर, अमन कुमार पुत्र नानक चंद, निवासी रविदास नगर, संदीप कुमार पुत्र सेवा सिंह, निवासी ट्रक यूनियन के पीछे, मलोट, कशिश शर्मा पुत्र संदीप कुमार, निवासी सराभा नगर, स्वर्ण सिंह पुत्र निर्मल सिंह, निवासी विर्कखेड़ा, बलजीत सिंह उर्फ बिट्टा पुत्र बलदेव सिंह, निवासी छापियांवालीऔर लाभ सिंह उर्फ ज्ञानी पुत्र इकबाल सिंह, निवासी प्रीत नगर शामिल हैं। अगर पुलिस कार्रवाई करे हुए आरोपियों को कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया जा सकता है ।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपी नशे के आदी हैं और प्रतिबंधित दवाओं की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कैप्सूल कहां से लाए जा रहे थे, किन क्षेत्रों में सप्लाई किए जा रहे थे और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। युवाओं को नशे की लत से बचाने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए ऐसे नेटवर्क के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।