चंडीगढ़, 23 जून् 2026 । पंजाब में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को देखते हुए कांग्रेस बड़े बदलाव की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है। पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक ढांचे से लेकर नेतृत्व स्तर तक व्यापक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सूबे की सियासत में जबरदस्त हलचल शुरू हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी पंजाब में अपने तेवर लगातार सख्त कर रही है और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी अपनी इकलौती सरकार को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़े उलटफेर की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान पंजाब इकाई में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब के मुद्दे पर कई दौर की मैराथन बैठकें की हैं और अब पार्टी किसी बड़े फैसले के बेहद करीब पहुंच चुकी है। राज्य की जमीनी राजनीतिक स्थिति का आकलन करने और आगामी चुनावों में पार्टी की कमान किसे सौंपी जाए, इसका खाका तैयार करने के लिए बनाई गई विशेष समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी है
राहुल गांधी की पांच नेताओं के साथ वन-टू-वन बैठकें
इस बड़े बदलाव की सुगबुगाहट के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के पांच सबसे प्रमुख और कद्दावर नेताओं के साथ नई दिल्ली में अलग-अलग वन-टू-वन बैठकें की हैं। इन नेताओं में शामिल हैं:
- चरणजीत सिंह चन्नी (पूर्व सीएम)
- प्रताप सिंह बाजवा (नेता प्रतिपक्ष)
- विजय इंदर सिंगला (पूर्व मंत्री )
- अमर सिंह (राज्यसभा सांसद)
- सुखजिंदर सिंह रंधावा (पूर्व उपमुख्यमंत्री)
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में आगामी चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार, युवाओं की भागीदारी और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। कांग्रेस नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पार्टी राज्य में एक मजबूत और प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने के साथ-साथ भविष्य के चुनावों के लिए भी तैयार रहे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस नए चेहरों को आगे लाने और अनुभवी नेताओं के अनुभव का संतुलित उपयोग करने की रणनीति अपना सकती है। इससे पार्टी के भीतर नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।
सूत्रों के मुताबिक, संगठन में बदलाव के साथ-साथ पार्टी जनसंपर्क अभियानों को भी तेज कर सकती है। किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारिक वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना बनाई जा रही है ताकि जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।
फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से किसी बड़े बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस में कई महत्वपूर्ण फैसले देखने को मिल सकते हैं। इन बदलावों का असर राज्य की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।