दिव्यांग की परेशानी देख कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठे पलवल डीसी डॉ. जयेंद्र सिंह

पैर से हस्ताक्षर करता देख हुए भावुक

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पलवल , 23 जून्‌ 2026 । हरियाणा के पलवल में प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीयता की एक भावुक तस्वीर सामने आई है। पलवल के उपायुक्त (डीसी) डॉ. जयेंद्र सिंह ने जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनते समय ऐसा व्यवहार किया, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। दिव्यांग की स्थिति देखकर डीसी अपनी कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठ गए और उसकी बात ध्यान से सुनी।

आली ब्राह्मण गांव के रहने वाले ललित कुमार शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उनके दोनों हाथ नहीं हैं और वे पैरों से भी ठीक से चल-फिर नहीं पाते। ललित ने कुछ समय पहले गांव में ही एक मकान खरीदा था। उस मकान पर पुराने मालिक का हजारों रुपये का बिजली का बिल बकाया था। बिजली विभाग के कर्मचारी असली मालिक से वसूली करने के बजाय इस बेबस दिव्यांग पर पुराना बिल चुकाने का लगातार दबाव बना रहे थे। ललित पिछले काफी समय से बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके थे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। हार मानकर वे अपनी शिकायत लेकर जिला स्तरीय समाधान शिविर में पहुंचे।

जानकारी के अनुसार, जनसुनवाई कार्यक्रम में अपनी समस्या लेकर पहुंचे दिव्यांग व्यक्ति के दोनों हाथ काम नहीं करते थे। बातचीत के दौरान जब डीसी ने देखा कि वह अपने पैर से हस्ताक्षर कर रहा है, तो वे भावुक हो गए। उन्होंने न केवल उसकी परेशानी को गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल सहायता और समाधान के निर्देश भी दिए।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि डीसी ने दिव्यांग व्यक्ति के साथ बेहद आत्मीयता और सम्मान से व्यवहार किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि उसकी समस्या का शीघ्र समाधान हो और उसे सरकारी योजनाओं तथा आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सके।

इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने डीसी डॉ. जयेंद्र सिंह की सराहना की। कई लोगों ने इसे संवेदनशील और जनहितकारी प्रशासन का उदाहरण बताया। उनका कहना है कि अधिकारियों का ऐसा मानवीय रवैया आम लोगों के बीच विश्वास को मजबूत करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों का व्यवहार केवल सरकारी कार्यवाही तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पलवल की यह घटना इसी सोच को दर्शाती है।

डीसी डॉ. जयेंद्र सिंह की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि ऐसे छोटे लेकिन मानवीय कदम प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करते हैं तथा शासन व्यवस्था में भरोसा बढ़ाते हैं।

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