न्यूयॉर्क, 20 जून् 2026 । संयुक्त राष्ट्र (UN) में आयोजित एक बैठक के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब इजराइल के राजदूत ने एक वरिष्ठ UN अधिकारी की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार लगा दी। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
बैठक में इजराइल के राजदूत ने UN की अधिकारी पैटन के इस्तीफे की मांग कर दी। डैनन ने आरोप लगाया कि पैटन की रिपोर्ट की वजह से इजराइल का नाम पहली बार यौन हिंसा से जुड़े आरोपों के मामले में संयुक्त राष्ट्र की ब्लैकलिस्ट में आया। उनका कहना था कि रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी और इसमें इजराइल के खिलाफ पक्षपात दिखाया गया।
डैनन ने पैटन पर आरोप लगाते हुए कहा, “आप संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इजराइल-विरोधी रवैये के दबाव में आ गईं।” उनका दावा था कि गुटेरेस लगातार इजराइल की आलोचना करते रहे हैं और पैटन की रिपोर्ट भी उसी सोच से प्रभावित थी।
जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति, मानवीय संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान UN अधिकारी द्वारा की गई टिप्पणी पर इजराइली प्रतिनिधिमंडल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इजराइली राजदूत ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारी इजराइल के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और तथ्यों को संतुलित तरीके से प्रस्तुत नहीं कर रहे।
राजदूत ने बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और किसी भी देश के खिलाफ पूर्वाग्रहपूर्ण दृष्टिकोण नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की जटिल परिस्थितियों को समझे बिना की गई टिप्पणियां शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मानवीय और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े मुद्दों को उठाना है। UN लगातार संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों पर जोर देता रहा है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव और संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र में लगातार बहस चल रही है। इजराइल और UN के बीच कई मुद्दों पर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं, लेकिन इस ताजा घटनाक्रम ने दोनों पक्षों के बीच मौजूद तनाव को फिर उजागर कर दिया है।
फोकस पॉइंट
- UN बैठक के दौरान तीखी बहस।
- इजराइली राजदूत ने UN अधिकारी की टिप्पणी पर जताई नाराजगी।
- निष्पक्षता और पक्षपात को लेकर उठे सवाल।
- मध्य पूर्व संकट पर अंतरराष्ट्रीय बहस तेज।
- कूटनीतिक हलकों में घटना की व्यापक चर्चा।