पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन तेज, स्थानीय लोगों ने विभिन्न मुद्दों पर जताया आक्रोश

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मुजफ्फराबाद, 04 अगस्त 2026 । पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं। विभिन्न इलाकों में स्थानीय लोगों ने महंगाई, बिजली संकट, बुनियादी सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी और प्रशासनिक नीतियों सहित कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने और क्षेत्र में जनसुविधाओं में सुधार की मांग की।

PoK में आंदोलन की कमान किसके हाथ में है?

PoK में आंदोलन का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है। इसका गठन 2023 में हुआ था। इसमें व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय राजनीतिक नेता शामिल हैं।

शुरुआत में संगठन ने महंगी बिजली और आटे की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था। 2024 और 2025 में हुए प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान सरकार को झुकना पड़ा।

सरकार ने बिजली की दरें कम कीं और आटे पर सब्सिडी दी। इसके बाद PoK में आटा पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों की तुलना में काफी सस्ता मिलने लगा।

12 रिजर्व सीटें रद्द करने की मांग पर आंदोलन

  • आंदोलनों के सफल होने से JAAC का जनाधार बढ़ा। अब संगठन महंगाई के मुद्दे से आगे बढ़कर PoK को ज्यादा स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकार देने की मांग कर रहा है।
  • सबसे बड़ी मांग PoK विधानसभा की 45 सीटों में से 12 आरक्षित सीटों को खत्म करने की है। ये सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में रहते हैं।
  • JAAC का कहना है कि जो लोग पाकिस्तान के दूसरे शहरों में रहते हैं, उन्हें PoK की सरकार बनाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
  • JAAC के मुताबिक इन 12 सीटों की वजह से स्थानीय मतदाताओं की राय का असर कम हो जाता है और अक्सर केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी को फायदा मिलता है।

रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान लोगों ने रैलियां निकालीं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से क्षेत्र के नागरिक आवश्यक सुविधाओं और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किए जाएं। वहीं, प्रदर्शनकारी अपने मुद्दों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में समय-समय पर आर्थिक कठिनाइयों, महंगाई, ऊर्जा संकट और प्रशासनिक फैसलों को लेकर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। ऐसे घटनाक्रम क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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