IAS संजीव हंस की गिरफ्तारी के लिए तेज हुई कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी

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पटना, 11 जून्‌ 2026 । बिहार में हुए टेंडर घोटाला में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने कार्रवाई करते हुए 3 बड़ी गिरफ्तारी की है। इसमें भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारिणी दास, वित्त विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी और नगर विकास विभाग के तहत बुडको के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उमेश कुमार सिंह शामिल हैं।

जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। इसी क्रम में संजीव हंस की भूमिका को लेकर पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है।

एक टीम पटना में ऊर्जा स्टेडियम के पास स्थित सरकारी आवास पर गई थी। फिर इनकी तलाश में टीम पुरानी सचिवालय में राजस्व पर्षद के ऑफिस भी गई।

संजीव हंस दोनों ही जगह पर जांच एजेंसी को नहीं मिले। हालांकि, मंगलवार को वो ऑफिस गए थे। संभावना जताई जा रही है कि गिरफ्तारी के डर से वो फरार हो गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जांच दल ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है और संबंधित दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों की जांच की जा रही है। एजेंसियों का उद्देश्य मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट करना और आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी उच्च-प्रोफाइल मामले में जांच एजेंसियां गिरफ्तारी से पहले पर्याप्त साक्ष्य जुटाने और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने पर जोर देती हैं। इसलिए जांच के दौरान छापेमारी, दस्तावेजी जांच और पूछताछ जैसी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक गलियारों में चर्चा को तेज कर दिया है। मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।

फिलहाल संजीव हंस की गिरफ्तारी को लेकर चल रही कार्रवाई और छापेमारी जांच का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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