कौन हैं गाजियाबाद के शिवा ढाबे के मालिक हरेंद्र यादव? 2.55 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले

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गाजियाबाद , 11 जून्‌ 2026 । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के चर्चित कारोबारी और प्रसिद्ध शिवा ढाबे के मालिक हरेंद्र यादव विवादों में फंस गए हैं। कारोबारी सहयोगी ने उन पर 2 करोड़ 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि होटल और व्यवसायिक साझेदारी के नाम पर निवेश कराया गया, लेकिन बाद में तय शर्तों के अनुसार लाभ और हिस्सेदारी नहीं दी गई।

हरेंद्र यादव गाजियाबाद के व्यावसायिक जगत में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। उनका शिवा ढाबा स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय है और वर्षों से ग्राहकों के बीच पहचान रखता है। इसी वजह से उनके खिलाफ दर्ज मामले ने व्यापारिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा पैदा कर दी है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे होटल कारोबार में साझेदार बनाने का भरोसा देकर बड़ी राशि निवेश कराई गई। आरोप है कि निवेश के लिए कुछ दस्तावेज दिखाए गए और बाद में निवेशक को न तो वादा की गई हिस्सेदारी मिली और न ही निवेश की गई रकम वापस की गई। शिकायत में धमकी देने के आरोप भी शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम क्षेत्र के संजयनगर निवासी नागेंद्र चौधरी उर्फ नीरज चौधरी ने हरेंद्र यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2023 में उन्होंने हरेंद्र सिंह उर्फ मामा यादव और उनकी पत्नी संतोष यादव के साथ मिलकर यमुना एक्सप्रेसवे पर वृंदावन कट के पास स्थित एक होटल के संचालन के लिए पार्टनरशिप की थी। उन्होंने बैंक खातों और नकद के जरिए कुल 2 करोड़ 55 लाख रुपये के निवेश का दावा किया। इसके लिए उन्होंने कर्ज भी लिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पार्टनरों ने होटल की जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए दस्तावेज दिखाए थे।

मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, कथित आर्थिक नुकसान की राशि 2.55 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों व वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।

धमकी देने का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हिस्सेदारी और निवेश की राशि के बारे में पूछने उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। झूठे केस में फंसाने की बात कही गई। इस संबंध में अब तक हरेंद्र सिंह उर्फ मामा यादव का बयान सामने नहीं आया है। वहीं, मधुबन बापूधाम थाने में दर्ज शिकायत की जांच की जा रही है।

हालांकि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल ये आरोप जांच के दायरे में हैं। अभी तक अदालत द्वारा किसी प्रकार का दोष सिद्ध नहीं किया गया है। मामले की वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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