नई दिल्ली , 08 जून् 2026 । दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम अफसरों ने कुआलालंपुर से आए दो यात्रियों के पास से करीब 5.38 करोड़ रुपये कीमत का 15.38 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, तस्कर अत्याधुनिक तरीके अपनाकर प्रतिबंधित पदार्थ को देश में लाने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में गीजर के अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों में गांजा छिपाकर तस्करी की जा रही थी, जिसे जांच के दौरान पकड़ लिया गया।
गीजर में छिपा था गांजा
- आगे, बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान, सीमा शुल्क अधिकारियों ने देखा कि यात्री अपने चेक-इन बैगेज के अलावा दो बिल्कुल नए गीजर भी ले जा रहे थे।
- इसके बाद आगे की जांच हुई। इसमें कहा गया है कि यात्रियों से लगातार पूछताछ और उनके मोबाइल फोन की जांच से उपकरणों के बारे में संदेह और गहरा गया।इसके बाद गीजरों की एक्स-रे जांच की गई, जिससे पता चला कि उनमें भीतर कुछ छिपा हुआ है।
- इसके बाद गीजरों की विस्तृत जांच हुई और सीमा शुल्क अधिकारियों ने उपकरणों के अंदर भरे हुए 145 वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद किए।
- पैकेटों में हरे पत्तेदार पदार्थ पाए गए, जिनके हाइड्रोपोनिक खरपतवार (गांजा) होने का संदेह है।
कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी, इसका अंतिम गंतव्य क्या था और इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों और संभावित सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हवाई अड्डों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। आधुनिक स्कैनिंग तकनीक, खुफिया सूचनाओं और सतर्क जांच के कारण ऐसे मामलों का लगातार खुलासा हो रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।