पटना, 24 जुलाई 2026 । बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विधानसभा और विधान परिषद में राजनीतिक माहौल गरमा गया। एक महिला MLC ने सदन में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान IG रैंक के अधिकारी ने उनका हाथ ऐंठा, जबकि मौके पर मौजूद SHO ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने पुलिस के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन विधान परिषद में भाकपा-माले विधायक शशि यादव ने छात्रों पर हुए लाठचार्ज के दौरानआईजी जितेन्द्र राणा पर हाथ ऐंठने का आरोप लगाया। उन्होंने कोतवाली थानेदार पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। जिसपर सभापति ने कहा कि सरकार इसका संज्ञान लेगी।
दरअसल, 22 जुलाई को पटना में हुए छात्र आंदोलन में शामिल होने वाले विपक्ष के कई नेताओं के खिलाफ पुलिस की ओर से केस दर्ज किया गया है। शुक्रवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन एमएलसी शशि यादव ने पुलिस पर चोरी और छिनतई का झूठा केस दर्ज करने का आरोप लगाया। उन्होंने आईजी पर भी गंभीर आरोप लगाए।
महिला MLC ने सदन में कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान हालात संभालने के बजाय पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया और जनप्रतिनिधियों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया।
इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि छात्रों और जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जबकि सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। कई सदस्यों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। वहीं सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और शिकायतों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम बिहार की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बने हुए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है और जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।