लालू-राबड़ी ने लौटाई सरकारी सुरक्षा, बिहार की राजनीति में मचा नया घमासान

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पटना, 06 जून्‌ 2026 । बिहार की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी  ने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस करने का फैसला कर लिया। इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

लालू-राबड़ी ने लौटाई पूरी सुरक्षा

शनिवार की सुबह राबड़ी देवी के आवास 10 सर्कुलर रोड पर एक भी पुलिस कर्मी या सुरक्षा गार्ड नहीं दिखे। शनिवार को ऐसी तस्वीर हैरान करने वाली थी। 10 सर्कुलर रोड के मेन गैट पर मुस्तैद रहने वाले पुलिसकर्मी नहीं थे। इसके बाद से सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा छिड़ गई है कि सुरक्षा में कटौती से नाराज लालू यादव और राबड़ी देवी ने अपनी पूरी सरकारी सुरक्षा ही वापस कर दी है।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को केवल सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राजद नेताओं का कहना है कि यह निर्णय सरकार की नीतियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए लिया गया है, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने की रणनीति बता रहे हैं।

लालू यादव और राबड़ी देवी बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा वापस करने के निर्णय ने प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा को जन्म दिया है। सुरक्षा एजेंसियां भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि दोनों नेताओं का सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक गतिविधियां लगातार जारी रहती हैं।

इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर राजद इसे लोकतांत्रिक विरोध का प्रतीक बता रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता सवाल उठा रहे हैं कि यदि सुरक्षा की आवश्यकता नहीं थी तो पहले इसे स्वीकार क्यों किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

बिहार में सुरक्षा व्यवस्था हमेशा से राजनीतिक बहस का विषय रही है। ऐसे में लालू यादव और राबड़ी देवी द्वारा सुरक्षा लौटाने का फैसला केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि चुनावी राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

प्रमुख बिंदु

  • लालू यादव और राबड़ी देवी ने अपनी सरकारी सुरक्षा लौटाई।
  • फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू।
  • राजद ने इसे राजनीतिक विरोध का कदम बताया।
  • विरोधी दलों ने फैसले पर सवाल उठाए।
  • चुनावी माहौल में सुरक्षा का मुद्दा बना राजनीतिक हथियार।

 

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