नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 । भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर दबाव देखने को मिला है। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बन गया। बाजार में बिकवाली बढ़ने के कारण प्रमुख इंडेक्स दबाव में नजर आए।
97 डॉलर पर पहुंचा कच्चा तेल
ब्रेंट क्रूड में आज करीब 3% की तेजी है। ये 97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जो सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर सतर्कता और आर्थिक मोर्चे पर बदलती परिस्थितियां बाजार की चाल को प्रभावित कर रही हैं। निवेशकों ने कई प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली की, जिसका असर सेंसेक्स और अन्य सूचकांकों पर देखने को मिला।
बाजार में गिरावट के दौरान बैंकिंग, आईटी, ऑटो और अन्य प्रमुख सेक्टरों के शेयरों पर दबाव देखा गया। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को बाजार की स्थिति को देखते हुए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
सेंसेक्स में गिरावट के बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में अवसर बने रह सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों को वैश्विक संकेतों, आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर बनाए रखनी चाहिए।