रेनू भाटिया का सख्त संदेश, कार्यस्थलों पर महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ पूरे हरियाणा में चलेंगे जागरूकता सेमिनार

0

कुरुक्षेत्र , 05 जून्‌ 2026 । पंचायत भवन कुरूक्षेत्र के पंचायत भवन में महिला एवं बाल कल्याण विकास विभाग कुरुक्षेत्र के द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि कार्यस्थलों पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और शिकायत निवारण तंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरे हरियाणा में विशेष सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

रेनू भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में यह महसूस किया है कि महिलाओं को अपने कार्यस्थल पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसको लेकर आज कुरुक्षेत्र में एक पॉश सेमिनार का आयोजन किया गया है। और यह सेमिनार पूरे प्रदेश में किए जाएंगे। जिसकी शुरुआत आज कुरुक्षेत्र से की गई है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं को जागरूक किया जाएगा।

आयोग की योजना के तहत विभिन्न जिलों में सरकारी विभागों, निजी संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों और औद्योगिक इकाइयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े कानून, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका और महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में महिलाएं अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर पातीं। इसलिए सेमिनारों के माध्यम से उन्हें कानूनी सुरक्षा, उपलब्ध सहायता तंत्र और शिकायत निवारण प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही संस्थानों को भी संवेदनशील और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जाएगा।

महिला सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और जागरूकता पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। नियमित प्रशिक्षण और संवाद कार्यक्रम कार्यस्थलों पर सकारात्मक माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हरियाणा राज्य महिला आयोग की यह पहल महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आयोग का कहना है कि महिला सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.