नई दिल्ली, 05 जून् 2026 । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में जनसांख्यिकीय बदलाव को बर्दाश्त नहीं करेगी और केंद्र सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है। देश की सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गृह मंत्री ने बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का नया डेमोग्राफिक बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सुरक्षा तंत्र में मौजूद हर खामी को दूर करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक स्थिरता, स्थानीय आबादी के हितों और देश की संप्रभुता से भी सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने संकेत दिया कि अवैध घुसपैठ, सीमा पार गतिविधियों और जनसांख्यिकीय संतुलन को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास पर सरकार कड़ी नजर रखे हुए है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तंत्र को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, सीमा बाड़बंदी और खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित रहें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा लगातार की जा रही है और जहां भी कमियां सामने आती हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यक सुधारों को तेजी से लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार का यह रुख ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब कई क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ, तस्करी और जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़े मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का विश्वास बनाए रखना भी सरकार के लिए एक बड़ी प्राथमिकता है।
गृह मंत्री के बयान को राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर सरकार की स्पष्ट नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी नई पहल और सख्त निगरानी व्यवस्था देखने को मिल सकती है।