ग्रेटर नोएडा मोनिका नागर हत्याकांड: क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच, लापरवाही पर SSI सस्पेंड
ग्रेटर नोएडा , 02 जून् 2026 । ग्रेटर नोएडा के घोड़ी बछेड़ा गांव की चर्चित नवविवाहिता मोनिका नागर हत्याकांड में पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। हत्या की इस सनसनीखेज वारदात ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की दिशा और पुलिस की भूमिका की समीक्षा की, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
एसीपी ग्रेटर नोएडा ने बताया कि मोनिका नागर मर्डर की जांच दो दिन पहले क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। पहले इस केस की जांच दादरी थाना पुलिस कर रही थी। इस केस से जुड़े तमाम सबूत भी मिल गए हैं। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा था। वह पुराना है या नया इसके लिए उसकी फरेंसिक जांच कराई जा रही है। इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी अनुज चौहान और उसे पेट्रोल उपलब्ध कराने वाले एक अन्य युवक को गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। इसी आधार पर संबंधित थाने के सब-इंस्पेक्टर (SSI) को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में चूक या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्राइम ब्रांच अब पूरे मामले की स्वतंत्र और विस्तृत जांच करेगी। जांच टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं, साक्ष्यों, गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी तथ्यों का गहन विश्लेषण करेगी। अधिकारियों का मानना है कि विशेष जांच से मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सकेगा।
मोनिका नागर हत्याकांड ने स्थानीय लोगों में भी चिंता पैदा कर दी है। लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस मामले में क्राइम ब्रांच की एंट्री और पुलिस अधिकारी के निलंबन को जांच प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासों पर सभी की नजर बनी हुई है।