जंगल में राख, गूगल सर्च और 23 दिन का रहस्य: फतेहपुर के लव ट्रायंगल ने कैसे लिया खौफनाक मोड़?
फतेहपुर, 02 जून् 2026 । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सामने आया यह मामला किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म की कहानी से कम नहीं है। 23 दिनों तक लापता रही महिला की तलाश, जंगल में मिली राख, मोबाइल फोन के डिजिटल सबूत और गूगल सर्च हिस्ट्री ने आखिरकार उस भयावह सच्चाई का पर्दाफाश कर दिया जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रेम-प्रसंग को लेकर हुए झगड़े की वजह से उसकी हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की भी कोशिश की। जानकारी के अनुसार, विजय निषाद 8 मई को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने 11 मई को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शुरुआत में यह मामला एक सामान्य गुमशुदगी का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मोबाइल कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने मामले की परत-दर-परत जांच की।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जांचकर्ताओं को गूगल सर्च हिस्ट्री में अपराध से जुड़े सवाल और सबूत मिटाने के तरीके खोजे जाने के प्रमाण मिले। इसके बाद पुलिस ने जंगल के एक सुनसान इलाके में छानबीन की, जहां राख और अन्य संदिग्ध अवशेष बरामद हुए। फोरेंसिक टीम की जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कर दीं।
23 दिनों तक चले सस्पेंस के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए। जांच एजेंसियों का कहना है कि डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और गूगल सर्च हिस्ट्री इस केस में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। यह मामला इस बात का भी उदाहरण बन गया कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल फॉरेंसिक किस तरह जघन्य अपराधों की परतें खोलने में मदद कर रहे हैं।
फतेहपुर का यह सनसनीखेज लव ट्रायंगल केस अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। रिश्तों के विवाद से शुरू हुई कहानी का अंत हत्या, सबूत मिटाने की कोशिश और पुलिस की लंबी जांच के साथ हुआ, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न बरतें, तकनीकी जांच के सामने सच्चाई देर-सबेर सामने आ ही जाती है।