भ्रष्टाचार मामले में विजिलेंस ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, PSPCL के पूर्व CMD समेत तीन लोग गिरफ्तार
पंजाब , 20 मई 2026 । विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PSPCL के पूर्व CMD सहित 3 को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने PSPCL के पूर्व चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर केडी चौधरी, पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव संजीव प्रभाकर और मेसर्स दामिनी रिसॉर्ट एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, लुधियाना के डायरेक्टर अमित गर्ग को गिरफ्तार किया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के एक ऑफिशियल प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि बसंत एवेन्यू में 66 KV सबस्टेशन बनाने के मामले में, बसंत एवेन्यू के कॉलोनाइजर ने PSPCL के संबंधित फील्ड अधिकारियों की मिलीभगत से अपनी कॉलोनी में 1015 वर्ग गज के एरिया में यह 66 KV सबस्टेशन बनवाया था। उन्होंने आगे कहा कि अगर उस समय के बड़े अधिकारियों ने फील्ड अधिकारियों को कॉलोनाइजर की सभी कॉलोनियों की NOC वेरिफाई करने का निर्देश दिया होता और क्योंकि कॉलोनियां आपस में जुड़ी हुई हैं और अगल-बगल हैं, तो सभी बिजली लोड एक साथ कैलकुलेट किए जाते, तो 66 KV सबस्टेशन बनाने का पूरा खर्च कॉलोनाइजर को उठाना पड़ता। इस वजह से, सबस्टेशन बनाने के बारे में बिजली मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार मामला कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है। विजिलेंस ब्यूरो लंबे समय से इस मामले की जांच कर रहा था और दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड तथा अन्य सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं और जांच अभी जारी है।
सूत्रों के मुताबिक जांच में सरकारी प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ी, अनुचित लाभ पहुंचाने और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
Vigilance Bureau Punjab का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एजेंसी ने यह भी संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को लेकर सख्त रुख दिखा रही है।