पंजाब सरकार पर बढ़ा कर्ज का बोझ, 2,500 करोड़ का नया लोन लेने पर विपक्ष का हमला तेज
पंजाब , 20 मई 2026 । पंजाब सरकार द्वारा 2,500 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने के फैसले के बाद राज्य की राजनीति में बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका आरोप है कि लगातार बढ़ता कर्ज राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर असर डाल सकता है।
वहीं इस नए कर्ज को लेकर विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि लगातार बढ़ते कर्ज के कारण पंजाब की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है। विपक्षी दल के नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को ये साफ करना चाहिए कि वह कर्ज पर ली गई राशि कहां खर्च कर रहे हैं। विरोधियों का आरोप है कि पंजाब सरकार फिजूलखर्ची कर रही है। बता दें कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के आने से पहले 2.84 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था जो अब बढ़कर 4 लाख करोड़ के अधिक हो जाने का अनुमान है।
जानकारी के अनुसार सरकार ने विकास योजनाओं, प्रशासनिक खर्चों और विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए यह नया कर्ज लिया है। सरकार का कहना है कि राज्य में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े कार्यों को जारी रखने के लिए वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। इसके तहत वित्तीय प्रबंधन के अनुसार कर्ज लेना एक नियमित प्रक्रिया है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब पहले से ही कर्ज और राजकोषीय दबाव की चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे में नए कर्ज को लेकर पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बेहद जरूरी होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कर्ज का उपयोग उत्पादक और विकासोन्मुख परियोजनाओं में किया जाता है तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है।
पंजाब में यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन गया है और आने वाले दिनों में सरकार तथा विपक्ष के बीच इसे लेकर बयानबाज़ी और तेज होने की संभावना है।