छेड़खानी केस में ट्विस्ट: अंजलि राघव ने पवन सिंह को किया माफ, अब साइबर बुलिंग पर महिला आयोग सख्त

0

फरीदाबाद , 02 अप्रैल 2026 । छेड़खानी के चर्चित मामले में नया मोड़ सामने आया है, जहां अभिनेत्री Anjali Raghav ने भोजपुरी स्टार Pawan Singh को माफ कर दिया है। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद इस मामले में कानूनी विवाद फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब एक नया मुद्दा सामने आ गया है—सोशल मीडिया पर हो रही साइबर बुलिंग।

सुनवाई के दौरान अंजली राघव ने आयोग के सामने कहा कि उन्होंने पहले जो आरोप लगाए थे, अब वे उन्हें आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। उन्होंने बताया कि पवन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर स्टोरी डालकर उनसे माफी मांग ली थी। इसके बाद उन्होंने पवन सिंह को माफ कर दिया है और अब उन्हें इस मामले में कोई शिकायत नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी फोटो और मोबाइल नंबर को पोर्न साइट्स पर भी डाल दिया, जिससे उन्हें काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अंजली ने आयोग से मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले की सुनवाई रेनू भाटिया की अध्यक्षता में हुई।

मामले के दौरान सोशल मीडिया पर दोनों कलाकारों को लेकर जमकर टिप्पणियां और ट्रोलिंग देखने को मिली। खासकर अंजलि राघव को लेकर कई आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट किए गए, जिसके बाद मामला महिला आयोग तक पहुंच गया है। आयोग ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए ‘साइबर बुलीज’ के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

महिला आयोग का कहना है कि किसी भी मामले में कानूनी प्रक्रिया से इतर सोशल मीडिया पर किसी महिला की छवि खराब करना गंभीर अपराध है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में समझौता हो जाने के बाद भी सोशल मीडिया ट्रोलिंग का जारी रहना समाज की एक बड़ी समस्या को उजागर करता है। यह घटना दिखाती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की कितनी जरूरत है।

यह मामला अब केवल दो व्यक्तियों के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह साइबर एथिक्स और ऑनलाइन व्यवहार के बड़े मुद्दे को भी सामने ला रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि महिला आयोग इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है और क्या इससे सोशल मीडिया पर हो रही अभद्रता पर लगाम लग पाती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.