नेपाल की राजनीति में नया अध्याय—बालेन शाह सबसे युवा प्रधानमंत्री बने, देश को नई दिशा की उम्मीद
काठमांडू, 27 मार्च 2026 । बालेन शाह के नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की खबर ने देश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। युवाओं के बीच लोकप्रिय और एक नए विचारधारा के प्रतीक माने जाने वाले बालेन शाह का यह उभार नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
नेपाल में शुक्रवार को बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम बने। उन्होंने सांसद पद की शपथ लेने के बाद अपना पहला संदेश रैप गाने के जरिए जारी किया, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार, सिस्टम में बदलाव और युवाओं का जिक्र किया।
बालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च के चुनाव में जीत दर्ज की थी। कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा कि देश का भविष्य अब युवाओं के हाथ में है और नई सरकार से भ्रष्टाचार खत्म करने की उम्मीद है।
नई सरकार में मंत्रिमंडल का भी गठन शुरू हो गया है। सुधन गुरुंग को गृह मंत्री बनाया गया है, जिन पर देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी। वहीं शिशिर खनाल को विदेश मंत्री का पद दिया गया है, जो नेपाल की कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालेंगे।
बालेन शाह, जो पहले काठमांडू के मेयर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं, अब देश की बागडोर संभालते हुए एक नई शुरुआत की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान काठमांडू में किए गए सुधारात्मक कदमों और प्रशासनिक सख्ती ने उन्हें एक प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना युवाओं की बढ़ती भागीदारी और पारंपरिक राजनीति से बदलाव की मांग को दर्शाता है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख और विकास केंद्रित नीतियों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां भी होंगी, जिनमें राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधार और सामाजिक संतुलन बनाए रखना शामिल है। नेपाल की जटिल राजनीतिक संरचना में युवा नेतृत्व के लिए यह एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
यदि बालेन शाह अपने विजन और कार्यशैली को प्रभावी ढंग से लागू करने में सफल रहते हैं, तो यह नेपाल के लिए एक नए युग की शुरुआत साबित हो सकता है। देश के नागरिकों को अब उनसे पारदर्शी शासन, तेज विकास और मजबूत नेतृत्व की उम्मीदें हैं।