पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, 12 नवंबर से EVM और VVPAT की जांच शुरू

0

चंडीगढ़, 28 अक्टूबर 2026 | पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने चुनावी मशीनों की जांच, अधिकारियों के प्रशिक्षण और विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा शुरू कर दी है। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में 12 नवंबर 2026 से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की फर्स्ट लेवल चेकिंग

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्तों, महानिदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय व राज्य प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।

इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेना था।इस दिन ‘फर्स्ट लेवल चेकिंग’ (एफएलसी) कार्यशाला का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) यूनिट्स की जांच से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला के दौरान पंजाब के सीईओ ने बताया कि सभी जिलों में एफएलसी प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होगी। यह प्रक्रिया ईसीआई (भारत निर्वाचन आयोग) के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी।

निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की हर दिन कड़ी निगरानी करेंगे। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) दिए और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए, ताकि प्रतिभागी एफएलसी के तकनीकी पहलुओं को अच्छी तरह समझ सकें। कार्यशाला में एक मूल्यांकन प्रक्रिया भी शामिल थी। साथ ही सवालों के जवाब देने और शंकाओं को दूर करने के लिए एक विशेष सत्र भी रखा गया था। इस कार्यशाला में जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, एफएलसी नोडल अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, बीईएल के विशेषज्ञ और इस प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारी शामिल हुए।

क्या होती है EVM-VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग?

फर्स्ट लेवल चेकिंग चुनाव से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और VVPAT इकाइयों की प्रारंभिक तकनीकी जांच की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनें निर्धारित प्रक्रियाओं और तकनीकी मानकों के अनुरूप काम कर रही हैं।

इस प्रक्रिया के दौरान भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के विशेषज्ञ इंजीनियर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देते हैं। कार्यशाला में मशीनों की जांच का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। इसके अलावा, अधिकारियों की समझ परखने के लिए मूल्यांकन और सवाल-जवाब का सत्र आयोजित किया गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे निगरानी

पंजाब के सभी जिलों में होने वाली जांच की निगरानी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे। आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

कार्यशाला में जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, FLC नोडल अधिकारी, मास्टर ट्रेनर और BEL के विशेषज्ञ शामिल हुए। अधिकारियों को जांच प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियों के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया गया।

प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका की भी समीक्षा

निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियों के साथ केंद्रीय और राज्य प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका की भी समीक्षा की। बैठक में एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और चुनाव के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

इन एजेंसियों की भूमिका चुनावी प्रक्रिया के दौरान नियमों के अनुपालन और संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई में महत्वपूर्ण होती है। आयोग का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सभी संबंधित विभागों को समय रहते तैयार करना है।

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले EVM-VVPAT की जांच शुरू करना चुनावी तैयारियों का शुरुआती महत्वपूर्ण चरण है। हालांकि, 12 नवंबर से शुरू होने वाली प्रक्रिया मशीनों की जांच से संबंधित है; इसे मतदान की तारीख या चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.