यरुशलम, 28 अक्टूबर 2026: इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए संसदीय चुनाव के बाद राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है। शुरुआती एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन और विपक्षी नेता गादी आइज़ेनकोट के गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दिया। किसी भी पक्ष को 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों का स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिखा।
एग्जिट पोल के शुरुआती अनुमानों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरी, जबकि आइज़ेनकोट के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन भी मजबूत स्थिति में दिखाई दिया। हालांकि, ये अनुमान अंतिम नतीजे नहीं हैं और आधिकारिक मतगणना जारी है।
सरकार गठन में अरब-बहुल दलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उनके पास मौजूद संभावित सीटें दोनों गठबंधनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती हैं। राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग आगे उस नेता को सरकार बनाने का अवसर दे सकते हैं, जिसे संसद में बहुमत का समर्थन जुटाने की सबसे बेहतर संभावना हो।
फिलहाल इजरायल की राजनीति में सबकी नजर अंतिम चुनाव परिणामों और गठबंधन वार्ताओं पर है।