सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: DIG भुल्लर के मामले में ट्रायल में तेजी लाने के आदेश

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चंडीगढ़ , 28 अक्टूबर 2026 | भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. जिसमें उच्चतम न्यायालय ने ट्रायल में तेजी लाने को कहा. सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में गवाहों की जल्द गवाही कराने पर जोर दिया. इस मामले की अब अगली सुनवाई चार हफ्तों के बाद होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में गवाहों की सुनवाई तेजी से पूरी करने पर जोर दिया है. बता दें कि भुल्लर ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जमानत देने से इनकार करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

ऐसे में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए जल्दी ट्रायल करने के अहम निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान निलंबित DIG भुल्लर की ओर से कहा गया कि ट्रायल रोजाना के आधार पर चलना था, लेकिन दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया।
निलंबित DIG भुल्लर की ओर से शिकायतकर्ता की जिरह पूरी होने के बाद दो अन्य महत्वपूर्ण गवाहों की तुरंत गवाही कराने की मांग भी की गई. ये दोनों गवाह भुल्लर के अधीन काम कर चुके हैं. अभियोजन पक्ष ने भी गवाहों को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी जिरह बिना देरी के कराने की बात कही।

क्या है हर्चरण सिंह भुल्लर पर भ्रष्टाचार का मामला?

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अक्टूबर 2025 में भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू की थी। उस समय वह पंजाब पुलिस की रोपड़ रेंज में डीआईजी के पद पर तैनात थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक निजी बिचौलिए के जरिए उससे रिश्वत मांगी गई थी।

CBI के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2025 को जाल बिछाकर कार्रवाई की गई। इस दौरान कथित बिचौलिया कृष्णानु शारदा शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि यह रकम भुल्लर की ओर से मांगी गई रिश्वत का हिस्सा थी। भुल्लर को भी उसी दिन गिरफ्तार किया गया था। ये आरोप जांच और न्यायिक कार्यवाही का विषय हैं; इन्हें अदालत में सिद्ध अपराध नहीं माना जाना चाहिए।

भुल्लर की ओर से कहा गया कि उनकी तरफ से ट्रायल में देरी नहीं की गई है और निचली अदालत पहले ही लगातार सुनवाई तय कर चुकी है. वे इसमें पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने हरचरण सिंह भुल्लर के इस आश्वासन को रिकॉर्ड किया कि वह गवाहों की जांच में पूरा सहयोग करेंगे. लिहाजा कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कार्यवाही में तेजी लाने का निर्देश दिया. अब इस मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत

भुल्लर को इससे पहले भी जमानत के मामले में राहत नहीं मिली थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2026 में उनकी दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सितंबर में सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने संकेत दिया था कि महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही के बाद जमानत याचिका पर विचार किया जाएगा।

CBI के मुताबिक, मामले में सह-आरोपी को शिकायतकर्ता से कथित रिश्वत के तौर पर 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। 

इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भुल्लर की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी. इससे पहले 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी थी. उस दौरान CJI ने मामले को खारिज किए जाने की संभावना पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अदालत महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही के बाद याचिका पर विचार करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश के बाद ट्रायल कोर्ट में गवाहों की गवाही और जिरह की प्रक्रिया पर ध्यान रहेगा। भुल्लर की ओर से सहयोग का आश्वासन दिए जाने के बावजूद जमानत पर अंतिम फैसला अलग न्यायिक प्रश्न है। फिलहाल अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ाने और कार्यवाही में तेजी लाने पर जोर दिया है।

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