नई दिल्ली, 28 सितंबर 2026 । दिल्ली में सड़क निर्माण के निरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश वर्मा और एक युवक के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, बीजेपी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, लेकिन साथ ही पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों का हवाला देते हुए AAP विधायक जरनैल सिंह और उनके समर्थकों पर उकसावे का आरोप लगाया है।
मामले में जिस युवक को थप्पड़ मारे जाने का आरोप है, उसकी ओर से पुलिस में शिकायत भी दी गई है। पुलिस को इस विवाद से जुड़ी कुल पांच शिकायतें मिलने की रिपोर्ट है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस सभी शिकायतों की जांच कर रही है और किसी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हुई थी।
Gen Z के तेवरों के बाद युवाओं पर बीजेपी का फोकस, AAP ने सड़क मुद्दे पर घेरा
भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में जेल भीतर पर हुए Gen Z के आंदोलन के दौरान युवाओं ने जिस तरह अपने तल्ख तेवर दिखाए थे, उसके बाद से बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व लगातार युवाओं से संवाद बढ़ाने और उनका भरोसा जीतने की कोशिशों में लगा हुआ है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी कहीं न कहीं इसे थामते हुए इस मुद्दे को हाथोंहाथ उठा लिया है और अब बीजेपी पर हमलावर है। अरविंद केजरीवाल ने भी मंत्री की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तिलक नगर जाकर सड़क का निरीक्षण करने की बात कही है।
प्रवेश वर्मा ने दी अपनी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद प्रवेश वर्मा ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। हालांकि उन्होंने पूरे घटनाक्रम को केवल सड़क की गुणवत्ता से जोड़कर देखने पर आपत्ति जताई।
मंत्री का दावा है कि वह सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे थे और वहां मौजूद AAP विधायक जरनैल सिंह तथा उनके साथ आए लोगों की ओर से उनके परिवार के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
BJP ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
दिल्ली बीजेपी ने भी घटना से पूरी तरह दूरी बनाने के बजाय इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि जैसा प्रवेश वर्मा ने खुद कहा है, घटना नहीं होनी चाहिए थी।
हालांकि, बीजेपी ने पूरे विवाद के लिए AAP विधायक जरनैल सिंह और उनके साथ मौजूद लोगों के व्यवहार को भी जिम्मेदार बताया। पार्टी का दावा है कि विधायक बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और मंत्री के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। ये बीजेपी के आरोप हैं, जिन पर AAP का अलग पक्ष है।
AAP ने की कार्रवाई की मांग
घटना के बाद AAP नेताओं ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि युवक सड़क निर्माण की स्थिति की रिकॉर्डिंग कर रहा था और इसी दौरान उसके साथ मारपीट हुई।
AAP विधायक जरनैल सिंह ने सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने पुलिस में शिकायत दिए जाने की बात कही और मामले में कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले आरोपों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
पुलिस के पास पहुंचीं पांच शिकायतें
थप्पड़ विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को कुल पांच शिकायतें मिली हैं। इनमें साहिब सिंह की शिकायत के अलावा PWD से जुड़े कर्मचारियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से भी शिकायतें शामिल हैं।
पुलिस शिकायतों में लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। साहिब सिंह के खिलाफ पहले से एक मारपीट का मामला दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई है। यह पिछला मामला मौजूदा विवाद में लगाए गए आरोपों की सत्यता को अपने आप निर्धारित नहीं करता।
घटना ने दिल्ली में बीजेपी और AAP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है। बीजेपी जहां पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और कथित उकसावे पर जोर दे रही है, वहीं AAP घटना को मंत्री के आचरण और सड़क निर्माण से जुड़े सवालों से जोड़ रही है।
कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। इस तरह एक स्थानीय सड़क निरीक्षण से शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली की राजनीति में व्यापक बहस का विषय बन गया है।
सरकार और संगठन के सामने क्या मुद्दे?
इस विवाद के बाद दिल्ली सरकार और बीजेपी संगठन के सामने मुख्य रूप से तीन मुद्दे हैं। पहला, घटना को लेकर पुलिस जांच किस दिशा में जाती है। दूसरा, सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उससे जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है। तीसरा, मंत्री और विपक्षी नेताओं के बीच बढ़े राजनीतिक टकराव को किस तरह संभाला जाता है।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस घटना का बीजेपी या दिल्ली सरकार पर दीर्घकालिक राजनीतिक प्रभाव क्या होगा। इसका आकलन आगे की पुलिस जांच, आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और राजनीतिक घटनाक्रम के आधार पर ही किया जा सकेगा।