देहरादून, 18 सितंबर 2026। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक ही परिवार के दो सदस्यों के अलग-अलग राजनीतिक खेमों में होने का असर साफ दिखाई दे रहा है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने अपनी बहू एवं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं को लेकर ईडी के मुद्दे पर तंज कसा है। हरक सिंह ने कहा कि वह खुद मुकदमों और प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्रवाई से घबराने वाले व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार में जो लोग घबरा सकते थे, वे बीजेपी में चले गए। इस बयान को उनकी बहू अनुकृति गुसाईं से जोड़कर देखा जा रहा है।
हरक सिंह घबराने वाले व्यक्ति नहीं
बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान हरक सिंह रावत ने कहा कि वह घबराने वाले व्यक्ति नहीं है। मेरे परिवार के जो लोग घबरा सकते हैं, वे भाजपा में चले गए। उन्होंने कहा कि एक स्थिति के बाद बच्चे मां-बाप की इच्छा से कार्य नहीं कर सकते। वे अपने मन के अनुसार कार्य करते हैं।
अनुकृति गुसाईं ने पलटवार किया
अनुकृति गुसाईं ने हरक सिंह रावत के बयान पर पलटवार किया है। अनुकृति ने कहा कि हरक सिंह जिस मामले की बात कर रहे हैं, वे तब राजनीति में नहीं थी। नहीं परिवार का हिस्सा थी। उस समय तो उनकी शादी भी नहीं हुई थी। वह किसी भी पद पर नहीं थीं। ऐसे में उनके लिए डरने वाली कोई बात नहीं है। अनुकृति ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के दबाव में ससुर हरक सिंह ने ये बयान दिया होगा।
2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं अनुकृति
अनुकृति गुसाईं ने अप्रैल 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। उस समय बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने ईडी से जुड़े सवाल पर कहा था कि ईडी की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और जब भी उन्हें बुलाया जाएगा, वह जांच एजेंसी के सामने जाएंगी। उन्होंने अपने बीजेपी में आने की वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य से जुड़ी बताई थी।
अब करीब दो साल बाद हरक सिंह और अनुकृति के बीच ईडी के मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी ने उत्तराखंड की राजनीति में इस पारिवारिक राजनीतिक विभाजन को फिर चर्चा में ला दिया है।
बीजेपी में अनुकृति को मिली बड़ी जिम्मेदारी
अगस्त 2026 में बीजेपी ने अनुकृति गुसाईं को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी। इसके बाद से वह पार्टी के पक्ष में सार्वजनिक रूप से बयान दे रही हैं और कांग्रेस पर राजनीतिक हमले भी कर रही हैं। वहीं हरक सिंह रावत कांग्रेस में सक्रिय हैं और वर्तमान में कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इस तरह एक ही परिवार के दो प्रमुख चेहरे अब उत्तराखंड की राजनीति में अलग-अलग दलों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हरक सिंह कांग्रेस के मंच से बीजेपी पर सवाल उठाते हैं, जबकि अनुकृति बीजेपी की ओर से कांग्रेस को जवाब देती हैं। ईडी को लेकर सामने आया ताजा विवाद इसी राजनीतिक अंतर को और स्पष्ट करता है।