कुरुक्षेत्र , 11 सितंबर 2026। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में धान के नए सीजन की हलचल तेज हो गई है। अगेती किस्म 1509 धान की फसल मंडियों में पहुंचने लगी है और किसान अपनी तैयार फसल लेकर अनाज मंडियों का रुख कर रहे हैं। इस्माईलाबाद अनाज मंडी में शुरुआती दौर में करीब 500 क्विंटल 1509 धान की आवक दर्ज की गई है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में मंडियों में फसल की आवक और बढ़ने की संभावना है।
शुरुआती आवक के साथ ही धान के भाव को लेकर भी किसानों में उत्साह देखने को मिल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार 1509 बासमती धान को करीब 3,600 से 3,900 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिला है, जबकि कुछ अन्य मंडियों में इससे भी बेहतर भाव की चर्चा है। पिछले साल की शुरुआत की तुलना में किसानों को इस बार बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद जगी है।
सरकारी खरीद को लेकर किसानों की बड़ी मांग
मंडी में धान पहुंचना शुरू हो गया है, लेकिन सरकारी खरीद को लेकर किसानों और सरकार के बीच चर्चा तेज है। कुरुक्षेत्र के पिहोवा में हुई राज्य स्तरीय किसान महापंचायत में 10 किसान संगठनों ने धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने की मांग उठाई है। आम तौर पर हरियाणा में धान खरीद की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होती है, जबकि पिछले साल खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी।
किसान संगठनों का कहना है कि जब फसल मंडियों में पहुंचने लगी है तो सरकारी खरीद भी जल्द शुरू होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े। किसानों ने यह भी चेतावनी दी है कि 15 सितंबर तक खरीद शुरू नहीं हुई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
नमी की सीमा बढ़ाने की भी मांग
धान खरीद के साथ नमी की निर्धारित सीमा भी किसानों के लिए बड़ा मुद्दा बनी हुई है। किसान संगठनों ने मौजूदा 17 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग की है। किसानों का तर्क है कि मौसम और फसल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नमी की सीमा में राहत मिलनी चाहिए।
इसके अलावा किसानों ने फसल की एमएसपी पर बिना कटौती खरीद, नए खरीद केंद्र और उप-मंडियां खोलने जैसी मांगें भी उठाई हैं। किसान संगठनों का कहना है कि धान की आवक बढ़ने पर मौजूदा मंडियों पर दबाव बढ़ सकता है।
मंडियों में व्यवस्थाओं पर फोकस
धान सीजन शुरू होने से पहले मंडियों में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखना भी प्रशासन के लिए चुनौती है। खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को बिजली, पानी, शौचालय, साफ-सफाई, पार्किंग, सड़क और फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से भी खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए केंद्र के साथ समन्वय की बात कही गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि धान की खरीद सुचारू रूप से कराने के लिए केंद्र के संपर्क में रहा जा रहा है। साथ ही किसानों से निर्धारित नमी मानकों के अनुरूप फसल मंडियों में लाने की अपील की गई है।
किसानों को अच्छे भाव की उम्मीद
शुरुआती सीजन में 1509 धान के बेहतर भाव ने किसानों की उम्मीद बढ़ा दी है। अब किसानों की नजर आने वाले दिनों में मंडियों में बढ़ने वाली आवक, सरकारी खरीद शुरू होने की तारीख और धान के भाव पर है। अगर आवक बढ़ने के साथ खरीद व्यवस्था भी समय पर सक्रिय रहती है तो किसानों को फसल बेचने में राहत मिल सकती है।
कुरुक्षेत्र में धान की आवक शुरू होने के साथ ही पूरा मंडी तंत्र सीजन की बड़ी चुनौती के लिए तैयार हो रहा है। आने वाले दिनों में धान की कटाई तेज होने के साथ मंडियों में भीड़ और आवक दोनों बढ़ने की संभावना है।