मेरठ पुलिस चौकी में दरोगा ने क्रिमिनल अब्दुल के साथ काटा केक, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
मेरठ , 25 अगस्त 2026 । मेरठ में पुलिस की एक चौकी से सामने आए वीडियो ने विभाग में हलचल बढ़ा दी है। वायरल वीडियो में एक दरोगा कथित तौर पर आपराधिक मामलों में आरोपी अब्दुल के साथ जन्मदिन मनाते और केक काटते नजर आ रहा है। पुलिस चौकी में इस तरह जन्मदिन मनाए जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जाकिर कॉलोनी चौकी पर दरोगा अंकित की तैनाती है। इसी अगस्त में कुछ दिन पहले उनका जन्मदिन था। चौकी के अंदर कुछ युवकों के साथ बर्थडे सेलिब्रेशन किया गया। इसके वीडियो में दरोगा के साथ नजर आने वाले युवकों में अब्दुल रहमान भी शामिल बताया जा रहा है।
अब्दुल पर दो मुकदमे दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया है कि अब्दुल रहमान के खिलाफ दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह खुद को एआईएमआईएम का महानगर सचिव बताता है। लोगों ने सवाल उठाया कि पुलिस चौकी जैसे स्थान पर एक दरोगा अपराधी छवि वाले व्यक्ति के साथ किस तरह जन्मदिन मना सकता है। पूरे मामले की जांच सीओ कोतवाली को सौंप दी गई है।
दरोगा की भूमिका की हो रही जांच
जांच के दौरान पुलिस ने अब्दुल रहमान के खिलाफ दर्ज मुकदमों की पुष्टि की है। साथ ही उसके एआईएमआईएम संगठन से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है। अब पुलिस अधिकारी वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और दरोगा की भूमिका की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। अब यह जांच की जा रही है कि संबंधित दरोगा और आरोपी के बीच किस तरह का संपर्क था और चौकी परिसर में जन्मदिन मनाने की अनुमति किस आधार पर दी गई।
पुलिसकर्मियों का अपराधियों या आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों के साथ इस तरह सार्वजनिक रूप से मेलजोल सामने आने पर विभागीय आचरण को लेकर सवाल उठते हैं। खासतौर पर पुलिस चौकी जैसे आधिकारिक परिसर में इस तरह की गतिविधि होने से पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच में वीडियो की सत्यता, घटना की तारीख और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान समेत अन्य पहलुओं को देखा जा सकता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी संभव है।
मामले में यह भी जांच का विषय होगा कि अब्दुल के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की स्थिति क्या है और दरोगा का उससे किस तरह का संपर्क रहा है। पुलिस अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
वायरल वीडियो ने पुलिस और अपराधियों के बीच कथित नजदीकी को लेकर बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद पुलिस विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।