चंडीगढ़ / मोहाली, 21 अगस्त 2026 । पंजाब के मोहाली स्थित सरकारी सुपर-स्पेशियलिटी संस्थान पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (PILBS) ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में महज एक सप्ताह के भीतर तीन सफल लिवर ट्रांसप्लांट किए गए हैं। इन नई सर्जरियों के साथ PILBS में अब तक कुल पांच सफल लिवर ट्रांसप्लांट हो चुके हैं।
देखने को मिलीं भावुक कहानियां
मंत्री ने कहा कि हाल ही में हुए तीन ट्रांसप्लांट मामलों में पारिवारिक साझेदारी और बलिदान की भावनात्मक कहानियां भी देखने को मिलीं। इन मामलों में, एक पत्नी ने अपने पति को, एक मां ने अपनी बेटी को, जबकि एक बेटे ने अपने पिता को अपने लिवर का एक हिस्सा दान किया। मंत्री ने कहा कि ये मामले केवल चिकित्सकीय सफलता की कहानियां नहीं हैं, बल्कि प्यार, बलिदान और पारिवारिक संबंधों की मजबूती की कहानियां भी बयां करते हैं। इस तरह के नि:स्वार्थ कार्य पारिवारिक संबंधों की मजबूती को दर्शाते हैं और लिवर की गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नई उम्मीद और जीवन देते हैं। गौरतलब है कि इन तीन नवीनतम सर्जरियों के साथ, पीआईएलबीएस मोहाली ने अब तक कुल पांच सफल लिवर ट्रांसप्लांट किए हैं, जो राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इन तीनों मामलों में परिवार के सदस्यों ने अपने प्रियजनों की जान बचाने के लिए लिवर का एक हिस्सा दान किया। एक पत्नी ने अपने पति, एक मां ने अपनी बेटी और एक बेटे ने अपने पिता को लिवर का हिस्सा दान किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इन मामलों को चिकित्सा उपलब्धि के साथ-साथ पारिवारिक प्रेम, त्याग और समर्पण की मिसाल बताया।
इस उपलब्धि के बाद पंजाब सरकार PILBS मोहाली को पूरे राज्य में लिवर ट्रांसप्लांट सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित हब-एंड-स्पोक मॉडल में PILBS मुख्य हब होगा, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेज सहायक केंद्र के तौर पर काम करेंगे। इससे मरीजों की पहचान, जांच, रेफरल और ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल को उनके क्षेत्रों के करीब उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी बताया है कि मोहाली और पटियाला में जल्द किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा PILBS में मरीजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए बेड क्षमता बढ़ाने की योजना भी है। मोहाली में हुई ये तीन सफल सर्जरियां पंजाब की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए इसलिए भी अहम हैं क्योंकि जटिल अंग प्रत्यारोपण जैसी विशेषज्ञ सेवाएं अब सरकारी संस्थानों में उपलब्ध कराने पर जोर बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम हो और उन्हें अपने राज्य में ही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।