नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026 । दिल्ली में आम आदमी पार्टी के एक विधायक से जुड़ा कथित वायरल वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री ने विधायक पर तंज कसते हुए टिप्पणी की, जिसके बाद मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री की टिप्पणी में विधायक को लेकर तीखा व्यंग्य देखने को मिला, वहीं संबंधित MLA ने वीडियो और उससे जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
विवाद की शुरुआत उस वीडियो के वायरल होने के बाद हुई, जिसमें विधायक को लेकर कई तरह के दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं। वीडियो की सत्यता और उसके संदर्भ को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के बीच मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कथित वीडियो के संदर्भ में विधायक पर निशाना साधते हुए ‘कपड़े पहन के तो बैठो’ जैसी टिप्पणी की।
CM ने MLA को सुनाई खरी-खोटी
रेखा गुप्ता ने विधानसभा में अनिल झा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब महिलाएं अपने कागजों पर साइन कराने आती हैं तो जनप्रतिनिधि को कम से कम ठीक कपड़े पहनकर बैठना चाहिए। उन्होंने साफ-साफ शब्दों में कहा- अरे, कपड़े पनकर तो बैठो, महिलाएं साइन कराने आ रहीं हैं। इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि जनता भी इस तरह के वीडियो को लेकर सवाल कर रही है।
विधायक ने आरोपों को किया खारिज
वहीं AAP विधायक ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है। विधायक का कहना है कि वायरल वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर भ्रामक दावे फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसके पूरे संदर्भ को लेकर है। किसी भी वीडियो के छोटे हिस्से या एडिटेड क्लिप के आधार पर निष्कर्ष निकालना विवाद को और बढ़ा सकता है। ऐसे में वीडियो की प्रामाणिकता, उसकी पूरी रिकॉर्डिंग और उसके संदर्भ की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। मामले में तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि और वीडियो के पूरे संदर्भ के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल दावों में कितनी सच्चाई है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच विधायक का इनकार इस विवाद को और महत्वपूर्ण बना रहा है।