चंडीगढ़, 12 अगस्त 2026 । राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो को लेकर पंजाब की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। वीडियो को पंजाब में नशे की स्थिति से जोड़कर साझा किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी सरकार ने हरभजन सिंह पर निशाना साधा। AAP सरकार के मंत्री ने आरोप लगाया कि इस तरह की पोस्ट के जरिए पंजाब की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
विवादित वीडियो में एक युवक नशे की हालत में अजीब व्यवहार करता दिखाई दे रहा था। हरभजन सिंह ने इसे पंजाब में ‘जॉम्बी ड्रग’ के प्रभाव से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद पंजाब पुलिस ने वीडियो की लोकेशन को लेकर फैक्ट-चेक जारी किया और दावा किया कि वीडियो पंजाब का नहीं, बल्कि राजस्थान का है। हालांकि राजस्थान की श्रीगंगानगर पुलिस ने बाद में वीडियो की वास्तविक लोकेशन को लेकर अलग जानकारी दी, जिससे मामला और उलझ गया।
पंजाब के युवाओं को किया जा रहा बदनाम
चीमा ने कहा कि हरभजन सिंह को अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पंजाब के युवाओं को खेल अपनाने और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए प्रोत्साहित करने में करना चाहिए था, न कि ऐसा गुमराह करने वाला कंटेंट शेयर करना चाहिए था जिससे पंजाब की छवि खराब हो। हरभजन सिंह द्वारा शेयर किए गए वीडियो का जिक्र करते हुए चीमा ने कहा कि पंजाब पुलिस ने उसका पता लगाया और पाया कि वह असल में राजस्थान के श्रीगंगानगर का था, जो एक भाजपा शासित राज्य है और उसका पंजाब से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों की जांच करने के बजाय, बीजेपी की आईटी मशीनरी दूसरे राज्यों से वीडियो उठा रही थी और उन्हें पंजाब की घटनाओं के तौर पर पेश कर रही थी ताकि राज्य और उसके युवाओं को बदनाम किया जा सके।
नशे के मुद्दे पर आमने-सामने सरकार और विपक्ष
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। विपक्षी दल सरकार पर नशे की समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने के आरोप लगाते रहे हैं, जबकि सरकार लगातार नशे के खिलाफ कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने का दावा करती है।
हरभजन सिंह की पोस्ट ने इसी संवेदनशील मुद्दे को फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। AAP नेताओं का कहना है कि पंजाब को बदनाम करने के बजाय राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी सियासी गर्मी
वायरल वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हरभजन सिंह और पंजाब सरकार के बीच राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। एक तरफ हरभजन सिंह की पोस्ट को पंजाब में नशे की गंभीर स्थिति की ओर ध्यान खींचने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, वहीं AAP इसे गलत वीडियो के जरिए पंजाब की छवि खराब करने का प्रयास बता रही है।
फिलहाल वीडियो की वास्तविक पृष्ठभूमि और उसके संदर्भ को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में पूरे मामले में आधिकारिक तथ्यों और जांच के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित होगा।