देहरादून, 12 अगस्त 2026 ।मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाला बैंड एक बार फिर बारिश के आगे बेबस नजर आया। रातभर हुई बारिश के बाद सड़क पर पहाड़ी से आया मलबा, गीली मिट्टी और कीचड़ इस कदर जमा हो गया कि बुधवार सुबह पहाड़ के पहिए करीब तीन घंटे तक थम गए। देखते ही देखते मसूरी और देहरादून की ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोनों तरफ करीब 5 से 10 किलोमीटर तक जाम पहुंच गया। इस जाम में मरीजों को ले जा रही दो एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे सड़क की मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
पानी वाले बैंड पर कुछ समय पहले सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। यातायात सुचारु रखने के लिए लोक निर्माण विभाग ने पहाड़ी को काटकर करीब पांच मीटर हिस्सा तैयार किया था। माना जा रहा था कि इससे वाहनों की आवाजाही आसान होगी, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने इस वैकल्पिक व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए।
मरीजों की एंबुलेंस जाम में फंसी
जाम का असर सिर्फ पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहा। मरीजों को लेकर देहरादून की ओर जा रही दो एंबुलेंस भी वाहनों की कतार में फंस गईं। सुबह के समय स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोगों की संख्या अधिक होने के कारण परेशानी और बढ़ गई।
कई दोपहिया वाहन कीचड़ में फिसलते नजर आए। वाहन चालकों को सड़क पार करने में भी काफी सावधानी बरतनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आपात स्थिति में मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो मरीजों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है।
तीन जेसीबी उतरीं
मार्ग बंद होने की सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग ने तीन जेसीबी और रोड रोलर की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद एक तरफ से वन-वे यातायात शुरू कराया गया। इसके बाद लगभग तीन घंटे में मार्ग को सामान्य यातायात के लिए खोल दिया गया। हालांकि सड़क खुलने के बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। सड़क पर जमा गीली मिट्टी और कीचड़ के कारण वाहन धीमी गति से चलते रहे और दुर्घटना का खतरा बना रहा।