पंजाब के हालात पर हरभजन सिंह की पोस्ट से सियासी घमासान, केजरीवाल ने साधा निशाना

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चंडीगढ़, 11 अगस्त 2026 । पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की पंजाब को लेकर की गई सोशल मीडिया पोस्ट ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हरभजन सिंह ने पंजाब के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य की स्थिति देखकर उन्हें दुख होता है। उनकी इस टिप्पणी के बाद अरविंद केजरीवाल ने उन्हें निशाने पर लिया और सवाल उठाया कि आखिर पंजाब के हालात को लेकर उन्हें किस बात से परेशानी है।

हरभजन सिंह की पोस्ट

दरअसल हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया यूजर के वीडियो को रीशेयर करते हुए लिखा था कि पंजाब के हालात देखकर बहुत दुख होता है। पंजाब और यहां के युवा बेहतर के हकदार हैं। इस मसले पर ईमानदारी, जवाबदेही और तुरंत कार्रवाई की जरूरत है, न कि इसे नकारने की। हमारे पंजाब को किसी की बुरी नजर लग गई है।सरकारों ने पंजाब और यहाँ के पंजाबी युवाओं को बर्बाद कर दिया है। यह सब देखकर रोना आता है।

मेरे पंजाब को बचा लो

उन्होंने इसके बाद एक और पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा कि मेरे पंजाब को माफ़ कर दो, पंजाब को बख्श दो। उन्होंने पंजाब को किस हाल में पहुंचा दिया है? जो पंजाब कभी अपनी तरक्की, हिम्मत और बहादुरी के लिए जाना जाता था—आज उसी पंजाब के युवा नशे की गिरफ्त में हैं। अभी भी वक्त है, मेरे पंजाब को बचा लो। पंजाब के युवाओं को बचा लो।

पंजाब पुलिस का आया जवाब

हरभजन के पोस्ट के सामने आते ही पंजाब पुलिस ने इस दावे का खंडन किया। पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि इस वीडियो का पंजाब या पंजाब पुलिस से कोई लेना-देना नहीं है। जांच में पाया गया कि यह घटना पड़ोसी राज्य राजस्थान के श्री गंगानगर जिले की है।

हरभजन सिंह की भूमिका पर भी नजर

हरभजन सिंह लंबे समय से आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं और राज्यसभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए उनकी ओर से पंजाब के हालात पर की गई कोई भी टिप्पणी राजनीतिक महत्व रखती है। अब सवाल यह है कि क्या वह अपनी पोस्ट को लेकर आगे विस्तार से अपनी बात रखेंगे या फिर यह केवल राज्य की स्थिति पर व्यक्तिगत चिंता तक सीमित रहेगी।

कुल मिलाकर, ‘पंजाब के हालात देखकर दुख होता है’ वाली हरभजन सिंह की टिप्पणी ने पंजाब की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। अरविंद केजरीवाल के पलटवार के बाद यह विवाद और तेज हो गया है और आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी बढ़ सकती है।

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