देहरादून , 11 अगस्त 2026 । देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले से एक महिला की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला दूध लेकर घर लौट रही थी, तभी रास्ते में हाथी ने उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
इसी दौरान रास्ते में हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल देहरादून ले जाया गया है। जहां महिला को आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन महिला की जान नहीं बचा पाए। बताया जा रहा है कि हाथी के हमले से महिला की कई पसलियां टूटी थी। अंजली गुप्ता धनियाडी में रहती थी। वह शाम करीब 7: 15 बजे उनके घर से दूध लेकर वापस अपने रेस्टोरेंट के लिए आ रही थी।
दूध लेकर घर लौटते समय हाथी ने बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक महिला रोजमर्रा के काम से दूध लेकर अपने घर की ओर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसका सामना जंगली हाथी से हो गया। महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले हाथी ने उस पर हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी मिली। घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
डोईवाला में पहले भी सामने आते रहे हैं हाथी
डोईवाला क्षेत्र राजाजी नेशनल पार्क और वन क्षेत्र के नजदीक होने के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। क्षेत्र में जंगली हाथियों के आबादी वाले इलाकों के आसपास पहुंचने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती रहती है।
आबादी वाले इलाकों में हाथियों की दस्तक से बढ़ी चिंता
हाथियों के जंगल से निकलकर आबादी की ओर आने पर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल बन जाता है। खासकर सुबह और शाम के समय खेतों तथा जंगल से सटे रास्तों पर लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है। महिला की मौत की घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग की ओर से निगरानी, गश्त, चेतावनी और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी हो जाता है।
परिवार में पसरा मातम
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश और चिंता है। लोगों की मांग है कि आबादी के आसपास हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बना बड़ी चुनौती
उत्तराखंड में जंगल और आबादी के बीच बढ़ते संपर्क के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर मुद्दा बना हुआ है। डोईवाला की यह घटना भी इसी चुनौती की गंभीरता को सामने लाती है। वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के लिए समय रहते हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलना और सुरक्षित रास्ते उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है।