नई दिल्ली, 03 अगस्त 2026 । अभिनेता रणबीर कपूर की आगामी फिल्म ‘रामायण’ रिलीज से पहले ही चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गई है। अब रामलीला महासंघ ने फिल्म के निर्माताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि भगवान राम, माता सीता और अन्य धार्मिक पात्रों का चित्रण भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और मूल ग्रंथों के अनुरूप होना चाहिए। महासंघ का कहना है कि यदि फिल्म में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई दृश्य या संवाद पाया गया, तो इसका विरोध किया जाएगा।
महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि अब तक डायरेक्टर नितेश तिवारी या फिल्म के प्रोडक्शन हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि रामायण करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। ऐसे में किसी भी सिनेमाई प्रस्तुति में तथ्यों, परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने फिल्म के निर्माताओं से आग्रह किया कि रिलीज से पहले सभी संवेदनशील पहलुओं की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाए, ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
दूसरी ओर, फिल्म के निर्माताओं की ओर से पहले भी कहा जा चुका है कि परियोजना पर व्यापक शोध किया गया है और इसका उद्देश्य भारतीय महाकाव्य रामायण को आधुनिक तकनीक और भव्य प्रस्तुति के साथ दर्शकों तक पहुंचाना है। हालांकि, रामलीला महासंघ की चेतावनी के बाद फिल्म को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और फिल्म जगत से जुड़े लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माता इस पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हैं और फिल्म के प्रदर्शन से पहले इस विवाद का क्या समाधान निकलता है।