छात्रों पर कार्रवाई को लेकर नसीरुद्दीन शाह भावुक, बोले- गलत सोच से देश को नुकसान पहुंचता है

बोले- गलत सोच से देश को नुकसान पहुंचता है

0

नई दिल्ली, 22  जुलाई 2026 । छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर चिंता जताते हुए कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग गलत सोच के साथ फैसले लेते हैं, तो उसका असर पूरे समाज और देश पर पड़ता है। उनका बयान सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

बॉलीवुड के सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह प्रोटेस्ट के बीच बच्चों के साथ हुई मारपीट और बर्बरता देख भावुक हो गए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में सरकार की निंदा की और छात्रों को सपोर्ट दिया। एक्टर का कहना है कि अगर देश चलाने वाले जाहित हैं, तो वो यही चाहेंगे कि पूरा देश जाहिल ही बने।

आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।

नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, विचारों की स्वतंत्रता और संवाद को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके अनुसार, किसी भी देश की प्रगति के लिए जरूरी है कि वहां सवाल पूछने और अपनी बात रखने की आजादी बनी रहे।

अभिनेता ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि अयोग्य या संकीर्ण सोच रखने वाले लोग व्यवस्था का संचालन करेंगे तो उसका प्रभाव समाज की सोच और भविष्य की पीढ़ियों पर पड़ सकता है। उन्होंने युवाओं और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।

नसीरुद्दीन शाह का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। जहां कई लोगों ने छात्रों के समर्थन में उनके विचारों का समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों ने उनके बयान पर अलग राय भी रखी। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर नसीरुद्दीन शाह पहले भी अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहे हैं।

छात्रों से जुड़े आंदोलनों और प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर देशभर में समय-समय पर बहस होती रही है। ऐसे में नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, युवाओं की भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर चर्चा को फिर से सामने ला दिया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.