नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026 । अमेरिका ने ईरान की ओर से किए गए हमलों में अपने करीब 100 सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी हमलों में प्रभावित हुए अधिकांश सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं और बड़ी संख्या में जवान इलाज के बाद ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
अमेरिका ने मान लिया है कि ईरान के जवाबी हमलों में उसके करीब 100 सैनिक घायल हुए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये सैनिक 7 जुलाई के बाद हुए हमलों में घायल हुए। इनमें से 96% सैनिक ठीक होकर ड्यूटी पर लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर को हल्की सिर की चोट (कनकशन) लगी थी।
पार्नेल ने यह बयान न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के जवाब में दिया, जिसमें दावा किया गया था कि रक्षा मंत्रालय ईरान के साथ युद्ध में घायल हुए अमेरिकी सैनिकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहा है। पार्नेल ने कहा कि इसमें जानबूझकर देरी हुई। ऐसा सैनिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया।
उधर अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले जारी हैं। ईरान ने सोमवार को उन देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने मंगलवार सुबह ईरान के 9 शहरों पर हवाई हमले किए।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के दौरान मिसाइल और ड्रोन हमलों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पेंटागन के अनुसार, घायल हुए कई सैनिकों को सिर में चोट और झटके जैसी समस्याएं हुईं, जिनका इलाज किया गया।
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और प्रभावित सैन्य ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। वहीं, ईरानी हमलों के बाद अमेरिका की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी रहने की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को और गंभीर बना दिया है। अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की संख्या सामने आने के बाद युद्ध की कीमत और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हमले बढ़ने से संघर्ष के विस्तार का खतरा बना हुआ है।