स्पोर्ट्स, स्पेन और अर्जेंटीना के बीच वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले में रोमांच के साथ-साथ मैदान पर तनाव भी देखने को मिला। खिताबी मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद मैच रेफरी को कड़ा फैसला लेते हुए दो खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाना पड़ा।
स्पेन ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार वर्ल्ड कप जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हार के बाद भावुक हो गए। उन्होंने अपने से 20 साल छोटे स्पेनिश स्टार लामिन यमाल को गले लगाकर बधाई दी।
2007 में मेसी ने यमाल को गोद में खिलाया था और अब दोनों वर्ल्ड कप फाइनल में आमने-सामने नजर आए। फाइनल से पहले हुई क्लोजिंग सेरेमनी में शकीरा और जस्टिन बीबर ने परफॉर्म किया। अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पेन को विजेता ट्रॉफी दी।
मुकाबले के दौरान एक टकराव के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मैदान पर माहौल गरमा गया और खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। रेफरी ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद से घटना की समीक्षा की गई।
फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर हुए इस घटनाक्रम ने मुकाबले को और चर्चा में ला दिया। दोनों टीमें खिताब जीतने के दबाव में खेल रही थीं और मैच में हर पल बेहद महत्वपूर्ण था। ऐसे में खिलाड़ियों के बीच बढ़ता तनाव आखिरकार अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया।
रेड कार्ड के बाद दोनों टीमों को महत्वपूर्ण समय तक खिलाड़ियों की कमी के साथ खेलना पड़ा। हालांकि, खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने अपनी टीमों को संभालने की कोशिश की और मुकाबले का रोमांच बरकरार रहा।
स्पेन और अर्जेंटीना जैसी दिग्गज टीमों के बीच फाइनल मुकाबले में इस तरह की घटना ने फुटबॉल प्रेमियों का ध्यान खींचा। अब मैच के नतीजे के साथ-साथ खिलाड़ियों के व्यवहार और अनुशासन पर भी चर्चा हो रही है।