वेस्ट यूपी में संगठन और विकास को धार देने की तैयारी
सीएम योगी का छह जिलों का दौरा कई मायनों में अहम
मेरठ , 17 जुलाई 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर विशेष फोकस करते हुए मेरठ जोन के दो जिलों समेत कुल छह जिलों का दौरा करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक समीक्षा, विकास परियोजनाओं की प्रगति, कानून-व्यवस्था का आकलन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए मेरठ जोन एडीजी (ADG) ने संबंधित जिलों शामली और बुलंदशहर में पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। शासन स्तर से सुरक्षा, प्रोटोकॉल और तैयारियों को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 17 जुलाई को गाजियाबाद, शामली और बिजनौर जाएंगे। इसके बाद 18 जुलाई को अमरोहा, बुलंदशहर और संभल का दौरा करेंगे। प्रत्येक जिले में समीक्षा बैठकों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन से विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की योजनाओं की जमीनी स्थिति का भी आकलन करेंगे और आवश्यक दिशा निर्देश देंगे।
मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, निवेश, औद्योगिक विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा करेंगे। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी करने और जनता से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए जा सकते हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य का आर्थिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। औद्योगिक गतिविधियों, कृषि उत्पादन और निवेश की दृष्टि से यह इलाका सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में मुख्यमंत्री का लगातार इस क्षेत्र का दौरा करना विकास कार्यों में तेजी लाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में विभिन्न चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ और मजबूत करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।