नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026 । भारत की सबसे बड़ी और चर्चित जेलों में शामिल तिहाड़ जेल में कैदियों के भोजन का मेनू जेल प्रशासन द्वारा तय मानकों और पोषण संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया जाता है। भोजन का उद्देश्य कैदियों को संतुलित आहार उपलब्ध कराना होता है, ताकि उन्हें आवश्यक कैलोरी, प्रोटीन और पोषक तत्व मिल सकें। अलग-अलग राज्यों की जेलों की तरह तिहाड़ जेल में भी मौसम, धार्मिक अवसरों और विशेष परिस्थितियों के अनुसार मेनू में सीमित बदलाव किए जा सकते हैं, लेकिन सामान्य दिनों में भोजन का स्वरूप लगभग तय रहता है।
भारत-म्यांमार सीमा के पास आतंकवादी साजिश रचने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने जेल प्रशासन से खुद खाना बनाने की इजाजत मांगी है और साथ ही उसने कहा है कि जेल में मिलने वाला मसालेदार और ऑयली भारतीय खाना उसे पसंद नहीं है।
जिससे पिछले 50 दिनों में उसकी सेहत खराब हो गई है। अमेरिकी कैदी ने जेल के अंदर इंडक्शन कुकर और खाना पकाने के बुनियादी बर्तन रखने की इजाजत मांगी है। साथ ही पास्ता, चिकन, रेड मीट, दाल, ऑलिव ऑयल, टोन्ड मिल्क, सोया मिल्क और बोतल बंद पानी जैसी खाने की चीजें भी मांगीं।
अर्जी के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान वैनडाइक का वजन लगभग 14 किलो कम हो गया है और पोषण की कमी के कारण उनकी नजर कमजोर हो गई है। उनके वकीलों ने उनके लिए लगातार सोया मिल्क और मच्छर भगाने वाली चीजें या मच्छरदानी की भी मांग की। NIA ने कहा है कि वह इस अर्जी पर कोई जवाब नहीं देगी, जबकि जेल सुपरिटेंडेंट से जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
तिहाड़ जेल में खाने का मेनू
- तिहाड़ में सुबह के समय का खाना (सुबह 7 बजे)- ब्रेड/चाय,बिस्किट,पूरी-सब्जी/खिचड़ी (अलग-अलग हो सकता है)
- तिहाड़ में दोपहर के समय का खाना (सुबह 11 बजे)- चार रोटियां, दाल, मौसम की सब्जी
- शाम का नाश्ता (दोपहर 3/3.30 बजे)- चाय और बिस्किट
- रात का खाना (शाम 6/6.30 बजे)-चार रोटियां, दाल, मौसम की सब्जी
अंडे, सोयाबीन और दूध भी दिया जाता है
हर कैदी को 600 ग्राम अनाज, 100 ग्राम दाल, 270 ग्राम सब्जी, 30-30 ग्राम खाने का तेल और नमक, 20 ग्राम गुड़ और तय मात्रा में मसाले और दूसरी चीजें दी जाती हैं। हफ्ते में दो बार 100 ग्राम के बराबर अंडे या सोयाबीन से बनी चीजें और दूध दिया जाता है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं, जेल के अंदर अपनी माताओं के साथ रह रहे बच्चों और बीमारी वाले कैदियों के लिए खास डाइट तय की जाती है।