संशोधित वक्फ कानून के बाद यूपी वक्फ बोर्ड में बड़ा बदलाव
नए ढांचे में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी मिलेगा स्थान
लखनऊ, 11 जुलाई 2026 । संशोधित वक्फ कानून लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के ढांचे में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है। नए प्रावधानों के तहत बोर्ड के गठन, प्रशासनिक व्यवस्था और सदस्य संरचना में परिवर्तन होगा। इसी क्रम में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी बोर्ड में शामिल किए जाने का प्रावधान किया गया है।
मध्य प्रदेश की तरह ही बनाई जाएगी व्यवस्था
पुराने वक्फ कानून में संशोधन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में यह कानून लागू होने के बाद राज्य के वक्फ बोर्ड का पूरा ढांचा बदल जाएगा। नए नियमों के तहत यूपी के सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड में पहली बार दो गैर-मुस्लिम सदस्यों और मुस्लिम महिलाओं को अनिवार्य रूप से सदस्य बनाया जाएगा। इसके साथ-साथ पसमांदा मुसलमानों को भी बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा। उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा है कि आने वाले समय में यूपी ही नहीं, पूरे देश में कानून और बायलॉज के मुताबिक संशोधित वक्फ कानून लागू होगा। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अंसारी ने यह भी संकेत दिए हैं कि यूपी में मध्य प्रदेश की तरह ही व्यवस्था लागू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है। नए ढांचे के तहत बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और संपत्तियों के बेहतर संरक्षण एवं प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
वक्फ कानून में हुए बदलावों को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ संगठनों ने नए प्रावधानों पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं। इस बीच संबंधित मामलों पर न्यायिक प्रक्रिया भी विभिन्न स्तरों पर जारी है।
उत्तर प्रदेश में संशोधित कानून लागू होने के बाद नए नियमों के अनुरूप वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का कहना है कि सभी नियुक्तियां और प्रशासनिक कदम कानून में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किए जाएंगे।