नई दिल्ली, 09 जुलाई 2026 । केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लिथियम-आयन बैटरी सेल और डिस्प्ले से जुड़े प्रमुख कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने का फैसला किया है। इस कदम से स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उत्पादन लागत कम होने की संभावना है, जिसका लाभ आगे चलकर उपभोक्ताओं को कम कीमत के रूप में मिल सकता है।
मार्च 2029 तक लागू रहेगी छूट, कंपनियों की लागत कम होगी
- वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इन कंपोनेंट्स पर मिलने वाली यह छूट अगले 3 साल से ज्यादा यानी 31 मार्च, 2029 तक वैलिड रहेगी।
- सरकार के इस कदम का मकसद देश के भीतर इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों के प्रोडक्शन को तेज करना और कंपनियों की लागत को कम करना है।
स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी हो सकते हैं सस्ते
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिस्प्ले असेंबली और लीथियम-आयन सेल किसी भी स्मार्टफोन, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी की कुल लागत का एक बहुत बड़ा हिस्सा होते हैं। इन पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटने से कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी राहत मिलेगी। आने वाले समय में कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों को ट्रांसफर कर सकती हैं, जिससे भारत में बने इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कंपनियां लागत में आई कमी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि, अंतिम कीमत का फैसला कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति, बाजार की मांग और अन्य लागत कारकों पर भी निर्भर करेगा।
यह निर्णय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, बैटरी निर्माण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे निवेश, रोजगार और घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।