दरभंगा/मुजफ्फरपुर , 08 जुलाई 2026 । बिहार के सीतामढ़ी में एक प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और महिला दारोगा से जुड़े चर्चित मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस दोनों अधिकारियों से जुड़े घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल कर रही है। जांच के तहत महिला दारोगा से पूछताछ की गई है, जबकि मामले से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बीडीओ ने पारिवारिक विवाद की बात स्वीकार की है। मनोज बंदरा प्रखंड के पियर इलाके के निवासी हैं। मिठनपुरा के कन्हौली मोहल्ले में भी उसका आवास है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि अमृता के भाई राजकुमार ने मिठनपुरा थाने में बीडीओ, उनके माता-पिता, भाई और बहन के खिलाफ 10 लाख रुपए दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
हिरासत में ली गई महिला दारोगा
अमृता के भाई और बीडीओ मनोज कुमार के साले राजकुमार ने कहा कि शुक्रवार की देर रात कन्हौली स्थित आवास पर अमृता की हत्या हुई। उसे जहरीला पदार्थ खिलाया गया। अचेत होने पर निजी अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया । सीतामढ़ी के परिहार के बथुआरा गांव की अमृता की 2023 में मनोज से शादी हुई। एक साल से उनके रिश्तों में दरार आ गई थी। अमृता को पति का दूसरी महिला से संबंध का शक था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि करना और घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना है। इसके लिए कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयान जुटाए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं और पुलिस हर पहलू की निष्पक्ष जांच का दावा कर रही है।