कौन हैं विजय शंकर मिश्रा? राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले अनुभवी IPS अधिकारी
अयोध्या , 04 जुलाई 2026 । अयोध्या स्थित राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और संवेदनशील स्थलों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि विशेष अवसरों और त्योहारों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विजय शंकर मिश्रा को राम मंदिर की सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ईमानदार और सरल स्वभाव के पहचान से विख्यात पुलिस अधिकारी विजय शंकर मिश्र मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं। इनके पिता का नाम संगम लाल मिश्रा है। विजय शंकर मिश्र का जन्म 15 फरवरी 1983 को हुआ। इन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन एमए पॉलिटिकल साइंस से किया। विजय शंकर मिश्र वर्ष 2006 बैच के पीपीएस अधिकारी हैं।
शासन ने 7 जनवरी 2022 को विजय शंकर मिश्रा को आईपीएस रैंक पर प्रमोट किया और इन्हें पहली पोस्टिंग में ही फतेहपुर जिले का एडिशनल एसपी बनाया गया। फतेहपुर में 15 फरवरी 2023 से तैनात रहे। इस दौरान करीब ढाई साल तक जिले में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद शासन ने 16 मई 2025 को इनका ट्रांसफर राज्य मुख्यालय लखनऊ में स्थित पीएसी हेड क्वार्टर में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर कर दिया।
विजय शंकर मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर के अनुभवी आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे पुलिस सेवा काल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, खुफिया समन्वय और संवेदनशील जिलों में सुरक्षा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासनिक क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता और बड़े आयोजनों के सफल प्रबंधन के कारण उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं।
राम मंदिर की सुरक्षा का दायित्व संभालते हुए उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं, वीआईपी आगंतुकों और आसपास के पूरे सुरक्षा तंत्र की निगरानी सुनिश्चित करना होगी। इसके तहत बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी नेटवर्क, ड्रोन निगरानी, एंटी-सबोटाज जांच, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), बम निरोधक दस्ता, एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना शामिल है।
अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते धार्मिक पर्यटन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। विजय शंकर मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षा एजेंसियां भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए समन्वित रणनीति पर कार्य करेंगी।
राम मंदिर देश की आस्था, संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। ऐसे में इसकी सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व की जिम्मेदारी भी है। विजय शंकर मिश्रा की नियुक्ति को इसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर परिसर की संरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।