हरियाणा , 26 जून् 2026 । हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और दुष्यंत चौटाला ने राज्य के श्राइन बोर्ड के अधीन आने वाले मंदिरों की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर विशेष ऑडिट (स्पेशल ऑडिट) कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर राम मंदिर जैसी बड़ी संस्था में गड़बड़ी हो सकती है तो ऐसे में हरियाणा में सीएम की अध्यक्षता में दो बड़े श्राइन बोर्ड गुरुग्राम स्थित श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड और पंचकूला स्थित श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड आते है, यहां भी सरकार को स्वतंत्र तरीके से चाढ़ावे की जांच करवानी चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि इन प्रमुख मंदिरों के चढ़ावे, संपत्तियों और खातों की सीएजी या किसी प्रतिष्ठित स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दुष्यंत चौटाला ने अपने पत्र में आग्रह किया कि श्राइन बोर्ड के अंतर्गत आने वाले मंदिरों की आय, व्यय, दान राशि और प्रशासनिक कार्यों का विस्तृत ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा यदि कहीं कोई अनियमितता है तो उसे समय रहते दूर किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थानों का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि ऑडिट में किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके अनुसार, सार्वजनिक आस्था से जुड़े संस्थानों में जवाबदेही बनाए रखना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
दूसरी ओर, इस मांग को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। विभिन्न दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल हरियाणा सरकार की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक निर्णय या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इस मांग पर विचार करती है, तो श्राइन बोर्ड के अधीन आने वाले मंदिरों की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था की व्यापक समीक्षा हो सकती है। हालांकि, आगे की स्थिति सरकार के आधिकारिक निर्णय पर निर्भर करेगी।