नाविकों की मौत पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

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नई दिल्ली, 12 जून्‌ 2026 । नाविकों की मौत के मुद्दे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयान के जरिए कहा कि भारत माता के बेटों की जान की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह जिम्मेदारी निभाने में विफलता दिखाई दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को निशाने पर लेते हुए “कंप्रोमाइज्ड पीएम” शब्द का इस्तेमाल किया, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ”अन्तरराष्ट्रीय जल (क्षेत्र) में तीन दिन में तीन जहाजों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे कंप्रोमाइज्ड (दबाव में आ चुके) पीएम… एक शब्द तक नहीं कहा। जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।” राहुल ने कहा, ”अगले हफ्ते जी 7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे — मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।”

राहुल गांधी ने अपने बयान में उन नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिनकी हालिया घटनाओं में जान गई है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों, श्रमिकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नागरिकों और कामगारों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सक्रियता नहीं दिखा रही है।

कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। उनका कहना है कि सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है तथा किसी भी संकट की स्थिति में आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

नाविकों की मौत का मामला ऐसे समय सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और मध्य-पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव का असर समुद्री व्यापार और जहाजरानी क्षेत्र पर भी पड़ रहा है, जिससे नाविकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राहुल गांधी का यह बयान केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे व्यापक मुद्दों को लेकर विपक्ष की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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