हरियाणा , 10 जून् 2026 । हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया हाल के दिनों में सुर्खियों में रही हैं। उन्होंने 9 जून 2026 को अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। दरअसल उनके बयान पर बवाल हो गया था। प्रदेशभर की नर्स हड़ताल पर चली गई थीं। आधिकारिक तौर पर उन्होंने इस्तीफे की वजह निजी कारणों को बताया है, हालांकि उनके इस्तीफे को हालिया विवादों और नर्सिंग स्टाफ के विरोध प्रदर्शन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
रेनू भाटिया ने भले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया हो। लेकिन उन्होंने कहा था कि ‘मैं माफी नहीं मांगूंगी’। उन्होंने कहा कि मैं आश्वस्त करती हूं कि मैं महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान की लड़ाई सदैव लड़ती रहूंगी।
रेनू भाटिया हरियाणा की सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक हस्ती रही हैं। वह लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ी रही हैं और हरियाणा के फरीदाबाद क्षेत्र की प्रमुख महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष बनने से पहले वह फरीदाबाद नगर निगम में डिप्टी मेयर के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। जनवरी 2022 में हरियाणा सरकार ने उन्हें राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
अपने कार्यकाल के दौरान रेनू भाटिया ने महिलाओं के अधिकार, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कई मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की और महिला सशक्तिकरण से जुड़े अभियानों में भी भागीदारी निभाई।
हालांकि हाल ही में कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में नाबालिग से जुड़े एक संवेदनशील मामले की समीक्षा के दौरान नर्सिंग स्टाफ के साथ हुई उनकी तीखी बातचीत विवाद का कारण बन गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राज्यभर के नर्सिंग कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और उनसे माफी मांगने तथा पद छोड़ने की मांग उठाई। रेनू भाटिया ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार किया था और कहा था कि उनका उद्देश्य जवाबदेही तय करना और पीड़िता के हितों की रक्षा करना था।
कौन हैं रेनू भाटिया
फरीदाबाद की रहने वाली रेनू भाटिया महज 21 साल की उम्र में बीजेपी से जुड़ी थीं। उन्हें बेनजीर भी कहा जाता है। दरअसल उन्हें यह नाम उन्हें एक डॉक्यूमेंट्री के दौरान मिला था। इस डॉक्यूमेंट्री में रेनू भाटिया ने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की भूमिका निभाई थी। रेनू सुषमा स्वराज को अपनी आदर्श मानती हैं। उन्होंने 2 बार पार्षद और उपमेयर के रूप में भी काम किया है। वह फरीदाबाद के सांसद कृष्ण अल गुर्जर की करीबी विश्वासपात्र मानी जाती हैं। साथ ही, वह केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की भी सहयोगी हैं।
विरोध बढ़ने के बीच उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपना इस्तीफा भेज दिया। इस्तीफे में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और भविष्य में भी महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करती रहेंगी।