पटना, 10 जून् 2026 । बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को लेकर सियासी चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। सत्ता पक्ष और एनडीए के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि उपेंद्र कुशवाहा को राजनीतिक रूप से संतुष्ट रखने और उनके प्रभाव को बनाए रखने के लिए नई रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में उनके बेटे दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
उपेंद्र कुशवाहा के लिए मोदी सरकार वाले प्लान की तैयारी
NBT संवाददाता को NDA के विश्वस्त सूत्र से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार दीपक प्रकाश का इस्तीफा तय है। अब वो खुद इसे देते हैं या फिर बिहार सरकार ही उनसे इस्तीफा मांगती है, ये जल्द ही पता चल जाएगा। लेकिन इसी बीच हमारे सूत्र ने एक और बड़ी बात बताई। वो ये कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश की भरपाई के लिए मोदी सरकार में प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए कुशवाहा को ऑफर भी दे दिया गया है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, यदि संगठन या सरकार में किसी स्तर पर बदलाव होता है तो भाजपा और एनडीए नेतृत्व सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए विकल्पों पर विचार कर सकता है। माना जा रहा है कि कुशवाहा समाज के प्रभावशाली वोट बैंक और उपेंद्र कुशवाहा की राजनीतिक भूमिका को देखते हुए गठबंधन उनके हितों की अनदेखी नहीं करना चाहता।
चर्चा यह भी है कि दीपक प्रकाश को भविष्य में संगठनात्मक जिम्मेदारी, बोर्ड-निगम में महत्वपूर्ण पद या चुनावी राजनीति में नई भूमिका देने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी भी दल या नेता की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल यह चर्चा राजनीतिक गलियारों और विश्लेषकों के बीच ही सीमित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनावों को देखते हुए एनडीए के लिए सामाजिक और जातीय संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में सहयोगी दलों और उनके प्रमुख नेताओं को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना गठबंधन की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।
NDA सूत्र के अनुसार बीजेपी की तरफ से उपेंद्र कुशवाहा को तीन सुझाव या फिर कहिए कि ऑफर दिया गया है। भले ही RLM के विलय न होने से बीजेपी नाराज है, जैसा हमने आपको अपनी एक्सक्लूसिव खबर में बताया था, लेकिन वो NDA को बिहार चुनाव में मिले बंपर बहुमत की भी अनदेखी नहीं करना चाहती। माना जा रहा है कि अगर उपेंद्र कुशवाहा नाराज हुए तो इससे न सिर्फ जनता के बीच खराब मैसेज जा सकता है, बल्कि विपक्ष के लिए उपेंद्र कुशवाहा को लपक लेना आसान हो जाएगा।
जानिये वो 3 ऑफर
- पहला ऑफर: सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा को कहा है कि वो बिहार की राजनीति के फेरे में न पड़ें। वो अपना कद ऊंचा करें और जून में ही संभावित मोदी कैबिनेट विस्तार में सरकार में मंत्री बन जाएं। इससे पहले 2018 में उपेंद्र कुशवाहा ने शिक्षा के मुद्दे पर नाराज होकर मोदी सरकार से बतौर मानव संसाधन मंत्री इस्तीफा दे दिया था। लेकिन बीजेपी इस बात को भूलने के लिए तैयार है।
- दूसरा ऑफर: दीपक प्रकाश को नवंबर या उससे पहले होने वाले स्नातक स्तर के चुनाव में खड़ा करें। ऐसे में जीत होने की स्थिति में दीपक प्रकाश पर लगा परिवारवाद का दाग भी कम हो जाएगा। साथ ही NDA को कहने को ये भी रहेगा कि दीपक प्रकाश को प्रबुद्ध पढ़े लिखे लोगों ने सदन तक पहुंचाया।
- तीसरा ऑफर: ये ऑफर ऐसा है कि इसमें दीपक प्रकाश के लिए स्नेहलता कुशवाहा (उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी) सासाराम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दें। इसके बाद के उपचुनाव में दीपक प्रकाश को वहां से लड़ाया जाए।
उपेंद्र कुशवाहा लंबे समय से बिहार की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं और शिक्षा, संगठन तथा सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता उन्हें एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चेहरा बनाती है। यही कारण है कि उनके और उनके परिवार से जुड़े राजनीतिक निर्णयों को व्यापक राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।
फिलहाल सभी की नजर भाजपा और एनडीए नेतृत्व के आगामी फैसलों पर है। आने वाले समय में यदि कोई नई जिम्मेदारी या राजनीतिक नियुक्ति सामने आती है तो इससे बिहार की सियासत में नए समीकरण बनते दिखाई दे सकते हैं।