पटना, 08 जून् 2026 । बिहार में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार को मिली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर विशेष सुरक्षा दी जा सकती है, तो फिर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के मामले में अलग मानदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं।
पूर्व सीएम होते हुए भी नीतीश को Z प्लस: राजद
राजद ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि ‘नीतीश कुमार जी गंभीर रूप से अस्वस्थ है इसलिए उनकी सुरक्षा और सेहत का ध्यान रखते हुए उनकी गाड़ी पटना एयरपोर्ट के अंदर सीधे रनवे तक जाएगी, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के नाते बिहार सरकार की Z+ सुरक्षा और केंद्र सरकार की CRPF कवर के साथ Z+ श्रेणी सुरक्षा मिली है।’
राजद नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक भेदभाव कर रही है। पार्टी का कहना है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी लंबे समय तक राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और उन्हें भी समान सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसी बहस के बीच राजद ने यह भी दावा किया कि सुरक्षा में कटौती के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को खुद सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
विवाद तब और बढ़ गया जब राजद नेताओं ने नीतीश कुमार और निशांत कुमार को मिली सुरक्षा का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि सत्ता पक्ष अपने नेताओं और उनसे जुड़े लोगों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विपक्षी नेताओं के सुरक्षा हितों की अनदेखी की जा रही है। वहीं, एनडीए समर्थक नेताओं का कहना है कि सुरक्षा श्रेणियां खुफिया एजेंसियों के आकलन और खतरे के स्तर के आधार पर तय की जाती हैं, न कि राजनीतिक आधार पर। उनका तर्क है कि सुरक्षा संबंधी फैसले प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और इन्हें राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
बिहार में पहले बंगला विवाद और अब सुरक्षा विवाद ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है। विधानसभा चुनावी माहौल के करीब आते ही ऐसे मुद्दों पर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।